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केजरीवाल ने 2023 में पहली बार मंत्री बनीं आतिशी को क्‍यों सौंपी सीएम की कुर्सी?

Delhi new CM: अरविंद केजरीवाल की जगह आतिशी मार्लेना को दिल्ली का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। 43 वर्षीय आतिशी राजधाीन दिल्‍ली मुख्‍यमंत्री के पद पर आसीन होने वाली तीसरी महिला होंगी। आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्‍ली सीएम के तौर पर आतिशी का नाम विधायक दल की बैठक में स्‍वयं रखा था जिसका विधायकों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया।

2020 में कालकाजी सीट से पहली बार विधायक बनीं आतिशी इतने कम समय में आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय जैसे अन्य दिग्‍गज नेताओं को पछाड़ते हुए सीधे मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर पहुंच गई है। आइए जानते हैं आखिर क्‍या वो वजहें हैं जिसकी वजह से केजरीवाल ने आतिशी मार्लेना को तर्जी देते हुए अपने प्रतिनिधि के तौर पर चुना और अगले चुनाव तक उन्‍हें सीएम की कुर्सी सौंपने का निर्णय लिया?

atishi

केजरीवाल की सबसे भरोसेमंद नेता आतिशी

आतिशी मार्लेना अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दोनों का करीबी मानी जाती हैं। आतिशी अरविंद केजरीवाल की भरोसेमंद सहयोगी रही हैं और केजरीवाल की हर मौके पर हितैषी साबित हुईं। आम आदमी पार्टी के चुनौतीपूर्ण समय में पार्टी के मामलों को संभालने में उनकी अहम भूमिका रही है। जब दिल्‍ली में जल संकट के कारण आप सरकार संकट में आई तो आतिशी ही थी जो मजबूती से मोर्चा संभालती रही और भूख हड़ताल तक पर बैठ गई थीं।

मंत्री बनते ही बाखूबी संभाली जिम्‍मेदारी

याद रहे मनीष सिसोदिया ने शिक्षा मंत्री रहते हुए जो नीतियां बनाई उसमें आतिशी प्रमुख सलाहकार रही हैं और हर रणनीति बनाई थी लेकिन अप्रैल 2018 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था। लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के इस्तीफ़े के बाद आतिशी को 2023 में दिल्ली कैबिनेट में शामिल किया गया, जिससे AAP के भीतर उनकी नेतृत्व क्षमता और बढ़ गई। इसके अलावा केजरीवाल के जेल जाने के बाद सरकार संभालते हुए भाजपा से मोर्चा लेती रहीं।

दिल्‍ली की शिक्षा में नई क्रांति

आम आदमी पार्टी के कार्यकाल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में जो उपलब्धियों मिली उसका श्रेय आतिशी के प्रयासों को जाता है। उनके नेतृत्व ने दिल्ली में शिक्षा क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से दिल्ली के सरकारी स्कूलों में काफ़ी सुधार हुआ है, जिससे दिल्‍ली सरकार को काफी वाहवाही मिली।

केजरीवाल की गैरमौजूदगी में संभाली "आप" की कमान

दिल्ली शराब घोटाले के कारण केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जेल गए थे, तब आतिशी ने पार्टी का मनोबल बनाए रखते हुए और सरकार की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से संभालते हुए कमान संभाली थी। मीडिया के सामने वह पार्टी की एक सशक्त प्रवक्ता रही हैं।

आतिशी का प्रशासनिक अनुभव

2023 में पहली बार दिल्‍ली सरकार में मंत्री बनी और करीब 18 विभागों को संभालते हुए आतिशी ने प्रशासनिक अनुभव हासिल कर लिया है। अपनी आक्रामक शैली और मजबूत संगठनात्मक कौशल ने एक नेता के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत किया।

दिल्‍ली की "आधी आबादी" पर आप की नजर

आतिशी को सीएम बनाकर केजरीवाल का लक्ष्य विधानसभा चुनाव से पहले आधी आबादी को आकर्षित करना है।आतिशी AAP सरकार में एकमात्र महिला मंत्री के रूप में उभरी हैं, जो पार्टी के भीतर महिलाओं की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करती हैं।

आतिशी का राजनीतिक सफर

आतिशी का आम आदमी पार्टी के साथ सफ़र अन्ना आंदोलन के दौरान शुरू हुआ।

  • वर्ष 2019 पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट वर भाजपा के गौतम गंभीर से 4.77 लाख वोटों से हार गई
  • वर्ष 2020 में कालकाजी विधानसभा से पहली बार विधायक बनीं
  • वर्ष 2023 में पहली बार दिल्ली की केजरीवाल सरकार में मंत्री बनीं
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