Delhi Lakhpati Bitiya Yojana: क्या है ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’? 21 साल में मिलेगा 1 लाख से ज्यादा
Delhi Lakhpati Bitiya Yojana Launch: दिल्ली की राजनीति और सामाजिक एजेंडा, दोनों के लिए 2 मार्च एक अहम तारीख बनने जा रही है। राजधानी के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य कार्यक्रम 'सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली' में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आधिकारिक रूप से 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' की शुरुआत करेंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे महिलाओं और बालिकाओं की आर्थिक आजादी की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से किया जा रहा है, और सरकार इसे सिर्फ योजना नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संदेश मान रही है।

▶️ 'लाडली' से 'लखपति' तक का सफर (Ladli Scheme to Lakhpati Bitiya)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि बदलते समय और बढ़ती उच्च शिक्षा की लागत को देखते हुए बेटियों के लिए मजबूत और दूरदर्शी योजना की जरूरत थी। इसी सोच के तहत पुरानी लाडली योजना को नया स्वरूप देकर 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' में बदला गया है।
पहले की व्यवस्था में संस्थागत जन्म पर 11,000 रुपये और घर पर जन्म होने पर 10,000 रुपये जमा किए जाते थे। इसके बाद कक्षा 1, 6 और 9 में दाखिले, कक्षा 10 पास करने और कक्षा 12 में प्रवेश जैसे अहम पड़ावों पर 5,000 रुपये की सहायता दी जाती थी। 18 साल की उम्र में ब्याज सहित राशि निकाली जा सकती थी।
अब नई योजना में कुल 56,000 रुपये चरणबद्ध तरीके से जमा किए जाएंगे। ब्याज जुड़ने के बाद 21 वर्ष की आयु तक यह रकम एक लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि बेटियों के लिए ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल डिप्लोमा करना अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य बात बने।
▶️ पूरी तरह डिजिटल, सीधा खाते में पैसा (Digital DBT System)
नई योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे। जमा की गई राशि का प्रबंधन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा किया जाएगा और इसे एसबीआई लाइफ धनराशि साधन के तहत निवेश किया जाएगा। परिपक्वता पर पूरी रकम आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और लाभ सीधे पात्र बालिका तक पहुंचेगा।
▶️ कौन उठा सकेगा लाभ, क्या हैं शर्तें (Eligibility Criteria Delhi Scheme)
यह योजना उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं है और जो पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं। बच्ची का जन्म दिल्ली में होना जरूरी है। जन्म के एक वर्ष के भीतर या तय शैक्षणिक पड़ावों पर पंजीकरण कराया जा सकता है। एक परिवार की अधिकतम दो जीवित बेटियां इस योजना का लाभ ले सकेंगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि अब योजना का दायरा बढ़ाकर देश के किसी भी सरकारी या यूजीसी से मान्यता प्राप्त संस्थान में ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल डिप्लोमा करने वाली छात्राओं को भी शामिल किया गया है। परिपक्वता लाभ शैक्षणिक शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगा।
▶️ प्रधानमंत्री की सोच, दिल्ली सरकार का वादा (Women Empowerment Vision)
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस व्यापक सोच से प्रेरित है जिसमें बेटियों को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में रखने की बात कही गई है। उनका मानना है कि जब बेटियां पढ़ेंगी, आत्मनिर्भर बनेंगी और सम्मान के साथ आगे बढ़ेंगी, तभी समाज और देश सशक्त होगा।
▶️ 'मेरी पूंजी, मेरा अधिकार' से 40 हजार से ज्यादा को राहत (Meri Punji Mera Adhikar DBT)
कार्यक्रम का एक और बड़ा आकर्षण यह रहेगा कि पुरानी लाडली योजना के 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की परिपक्वता राशि डिजिटल डीबीटी के जरिए दी जाएगी। 'मेरी पूंजी, मेरा अधिकार' पहल के तहत यह रकम सीधे आधार लिंक बैंक खातों में ट्रांसफर होगी।
2008 में शुरू हुई लाडली योजना का उद्देश्य बालिका जन्म और शिक्षा को बढ़ावा देना था। अब उसी नींव पर खड़ी यह नई 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' राजधानी की गरीब बेटियों को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य का भरोसा देने की कोशिश है। सरकार का दावा है कि यह योजना दिल्ली की हर पात्र बेटी को अपने सपनों को पूरा करने का असली मौका देगी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम साबित होगी।












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