Vijay Kumar Malhotra: बीजेपी को बड़ा झटका! विजय मल्होत्रा का निधन, भाजपा को मजबूत बनाने में निभाई थी अहम भूमिका
Vijay Kumar Malhotra: भारतीय राजनीति और विशेषकर दिल्ली की सियासत में एक ऐसा अध्याय आज समाप्त हो गया। उन्होंने न सिर्फ जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की नींव को मजबूत किया बल्कि संगठन को जनता से जोड़ने का काम भी किया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली बीजेपी के पहले अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा का आज सुबह 93 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया।
लंबे समय से बीमार चल रहे मल्होत्रा ने सुबह करीब 6 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से न सिर्फ भाजपा परिवार, बल्कि देश की राजनीति और खेल जगत में भी गहरा शोक फैल गया है।वे खेल संगठन से भी गहराई से जुड़े रहे। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने पुष्टि की कि प्रो. मल्होत्रा का जीवन सादगी और जन सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने जनसंघ काल से ही दिल्ली में संगठन विस्तार और पार्टी की मजबूती के लिए गहन भूमिका निभाई।

कौन थे विजय कुमार मल्होत्रा?
जन्म व शिक्षा
विजय कुमार मल्होत्रा का जन्म 3 दिसंबर 1931 को पंजाब के लाहौर (तत्कालीन भारत) में हुआ था।
उन्होंने डी.ए.वी. कॉलेज, लाहौर से शिक्षा हासिल की और आगे जाकर एमए व पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वे एक शिक्षाविद् और पत्रकार भी रहे और सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान दिया।
ये भी पढ़ें: Asia Cup Trophy Controversy: टीम इंडिया के विरोध को संजय राउत-सौरभ भारद्वाज ने बताया 'ड्रामा', बीजेपी भड़की
राजनीतिक यात्रा
- मल्होत्रा ने दिल्ली में जनसंघ और बाद में भाजपा की जड़ें मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उन्होंने लोकसभा चुनावों में कई बार जीत हासिल की - 1977, 1989, 1999 और 2004 में वे सांसद चुने गए।
- सबसे चर्चित सफलता 1999 की थी, जब उन्होंने कांग्रेस के डॉ. मनमोहन सिंह को हराया।
- दिल्ली विधानसभा में भी वे सक्रिय रहे और विपक्ष के नेता के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
खेल और संगठनात्मक भूमिका
- मल्होत्रा खेल प्रेमी भी थे। वे भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष रहे और भारतीय ओलंपिक समिति (IOA) में भी अहम जिम्मेदारियाँ संभालीं।
- 2011 में वे IOA के अंतरिम अध्यक्ष भी बने।
उनकी सादगी, अनुशासन और जनप्रिय छवि ने उन्हें दिल्ली भाजपा के लिए एक प्रतीक बना दिया।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
विजय मल्होत्रा के निधन पर पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "जीवनपर्यंत जनसेवा में समर्पित रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। वे जमीन से जुड़े ऐसे नेता थे, जिन्हें जनता के मुद्दों की गहरी समझ थी। दिल्ली में पार्टी को सशक्त बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। संसद में अपनी सक्रियता और योगदान के लिए भी वे सदैव याद किए जाएंगे। शोक की इस घड़ी में उनके परिवारजनों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ॐ शांति!"
जीवनपर्यंत जनसेवा में समर्पित रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। वे जमीन से जुड़े ऐसे नेता थे, जिन्हें जनता के मुद्दों की गहरी समझ थी। दिल्ली में पार्टी को सशक्त बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। संसद में अपनी सक्रियता और योगदान के लिए… pic.twitter.com/aULfroSFEJ
— Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2025
पीएम मोदी ने बाद में वी.के. मल्होत्रा के आवास पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "दिल्ली के विकास और हमारी पार्टी के सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।"
Went to the residence of late Shri VK Malhotra Ji and paid tributes to him. Also expressed condolences to his family. His contribution to Delhi's development and furthering our Party's good governance agenda will be forever remembered. pic.twitter.com/BCcxgwzZzO
— Narendra Modi (@narendramodi) September 30, 2025
दिल्ली भाजपा को मजबूती देने वाला
प्रो. मल्होत्रा की रणनीति और मेहनत का नतीजा था कि दिल्ली भाजपा को अनेक चुनौतियों के बावजूद संगठनात्मक मजबूती मिली। उन्होंने स्थानीय नेताओं को संवारा, कार्यकर्ताओं को जोड़ा, और दिल्ली में पार्टी विचारधारा का विस्तार सुनिश्चित किया। उनकी दूरदर्शी नीतियाँ और जनसंपर्क दिल्ली में भाजपा के लिए एक मजबूत आधार बनाकर गए।
विजय मल्होत्रा को श्रद्धांजलि
राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आमजन के बीच शोक का माहौल है। कई नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उनका जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनका आदर्श, सेवा-भावना और लोककल्याण की प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
ये भी पढ़ें: Bihar Chunav: गौ संरक्षण,सनातन धर्म के नाम पर शंकराचार्य ने खोला चुनावी मोर्चा, भाजपा-कांग्रेस के लिए चुनौती












Click it and Unblock the Notifications