UPSC Student Murder: 'लाश की घी से मालिश, शराब से नहलाया-DNA राख किया', फॉरेंसिक स्टूडेंट अमृता कहां चूकी?
UPSC Student Ramkesh Meena Murder Case Update: दिल्ली के गांधी विहार में UPSC का सपना संजोए 32 साल के रामकेश मीणा की जली लाश मिली तो लगा, AC ब्लास्ट का साधारण हादसा। लेकिन सच्चाई इतनी खौफनाक थी कि जांचकर्ताओं का खून तक जम गया। रामकेश की 21 साल की लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान (फॉरेंसिक साइंस की होनहार स्टूडेंट) ने क्राइम वेब सीरीज ('Delhi Crime' स्टाइल) से प्रेरित होकर 'अचूक हत्या' की स्क्रिप्ट लिखी।
मोबाइल वायर से रामकेश का गला घोंटकर खामोश किया, डंडे से पीटा, फिर लाश पर घी-तेल से 'मालिश' की, शराब से नहलाया...ताकि DNA के हर निशान राख बन जाएं। LPG सिलेंडर का वाल्व खोल ब्लास्ट करवाया, जिससे दुनिया को लगे गैस लीक हो गया। लेकिन कहां चूक हुई? अमृता का फॉरेंसिक नॉलेज परफेक्ट था, पर डिजिटल दुनिया ने धोखा दे दिया। आइए जानते हैं 'अचूक हत्या' में कहां चूक हुई?

Ramkesh Meena Murder Case: AC ब्लास्ट का भ्रम, कहां फिसला अमृता का प्लान?
6 अक्टूबर 2025, सुबह का शांत समय। गांधी विहार E-60 बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर आग की PCR कॉल। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सायरन बजाती दौड़ीं, आग बुझाई गई। अंदर का मंजर कयामत जैसा। एक जली लाश, चेहरा झुलसकर पहचान से परे। दस्तावेजों से नाम खुला- रामकेश मीणा, उम्र 32 साल, राजस्थान का UPSC एस्पिरेंट, जो उसी फ्लैट में अफसर बनने तैयारी कर रहा था।
कमरे में LPG सिलेंडर का वाल्व खुला, AC के पास ब्लास्ट मार्क्स। जांच टीम को शुरू में लगा हादसा। FIR, BNS (भारतीय न्याय संहिता) की आग-संबंधी धाराओं पर दर्ज। लेकिन FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम की पैनी नजरों ने साजिश की गंध को सूंघ लिया। रामकेश की लाश पर स्ट्रैंगुलशन के निशान (गला दबाने के), जलन का पैटर्न अनियमित (DNA ट्रेस बचे), और कमरे में बिखरी चीजें 'स्टेज्ड' लगीं। DCP (नॉर्थ) राजा बंठिया ने कहा- 'ये कोई हादसा नहीं, सुनियोजित कत्ल था। अमृता का फॉरेंसिक नॉलेज प्लान को परफेक्ट बनाने में लगा, लेकिन वो भूल गई, साइंस के साथ टेक्नोलॉजी भी जांच का हथियार है।'

Live-in Partner Amrita Chauhan Crucial Mistakes: अमृता चौहान के अचूक प्लान की 4 अहम चूक-
- अमृता की पहली चूक: वो सोचती थीं कि घी-तेल-शराब से बॉडी तेज जल जाएगी, सबूत मिट जाएंगे। लेकिन FSL रिपोर्ट ने साबित किया, शव पर पहले चोटें, फिर आग। जलन पैटर्न से पता चला कि मौत आग से पहले हो चुकी।
- दूसरी चूक: दरवाजे की जाली हटाकर अंदर से लॉक करना- ये 'हादसा' दिखाने का ट्रिक था।
- तीसरी चूक- CCTV ने सब रिकॉर्ड कर लिया: आसपास के CCTV ने कैद किया नकाबपोश गैंग, CDR ने लोकेशन बता दी-'परफेक्ट प्लान' की सबसे बड़ी भूल- अमृता का 'मास्टर स्ट्रोक' CCTV और मोबाइल डेटा से ध्वस्त हो गया।
- चौथी और सबसे घातक चूक: अमृता ने फोन स्विच ऑफ नहीं किया। CDR एनालिसिस से लोकेशन पिनपॉइंट घटना के वक्त ठीक E-ब्लॉक, गांधी विहार। कॉल रिकॉर्ड्स में सुमित-संदीप के नंबर बार-बार फ्लैश। अमृता का इंस्टाग्राम (@ami110486) चेक किया। हत्या से 5 दिन पहले (30 सितंबर) ट्रांजिशन रील पोस्ट, लेकिन रामकेश की कोई फोटो नहीं। पुलिस ने बताया कि वो सोचती थीं फॉरेंसिक सबूत मिटा देंगी, लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स ने उन्हें ही जाल में फंसाया। मुरादाबाद में 18 अक्टूबर को अमृता पकड़ी गई। कबूलनामे में टूट गई और बताया- 'सबक सिखाना था।' अमृता के क्राइम पार्टनर सुमित को 21 और संदीप को 23 अक्टूबर पुलिस ने दबोचा।

डिजिटल ट्रैप में फंसी अमृता
CCTV में दिखा कि 5-6 अक्टूबर की काली रात, 2:20 AM-दो नकाबपोश (सुमित-संदीप) बिल्डिंग में घुसे। 39 मिनट बाद एक बाहर। फिर 2:57 AM पर अमृता और एक लड़का भागे। मिनटों बाद धमाका। पुलिस ने आसपास के 20 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में अमृता का चेहरा कवर था, लेकिन गेट्री से बॉडी लैंग्वेज मैच।
Where Amrita-Ramkesh Meet: कहां हुई थी अमृता-रामकेश की मुलाकात?
अमृता को उसके मुरादाबाद परिवार (पीतल नगरी) ने 8 जुलाई 2024 को लोकल अखबार में विज्ञापन देकर 'बेदखल' कर दिया था। मई 2025 से अमृता-रामकेश, नोएडा कॉर्पोरेट ऑफिस में मिले। 32 साल का रामकेश UPSC की तैयारी में जुटा, 21 साल की अमृता फॉरेंसिक की होनहार। रामकेश ने चुपके से अमृता के ओब्सीन वीडियोज रिकॉर्ड की, हार्ड डिस्क में सेव की। अमृता ने डिलीट करने को कहा तो, उसने साफ इनकार कर दिया। अपमान ने आग भड़काई। अमृता ने एक्स सुमित को बताया। फिर शुरू हुई रामकेश के हत्या की प्लानिंग। अमृता अकेली, टूटी हुई और क्राइम सीरीज से इंस्पायर्ड, फॉरेंसिक नॉलेज से 'परफेक्ट कवर-अप' प्लान बनाया।

Amrita Chauhan Science Formula: अमृता का 'साइंस फॉर्मूला' क्या था?
5-6 अक्टूबर की वो काली रात। रामकेश सोया। पहले झगड़ा किया, गला दबाया (मोबाइल चार्जर तार से), डंडे से पीटा और रामकेश की सांसें थम गईं। अमृता का 'साइंस फॉर्मूला' था- लाश पर घी (फास्ट बर्न), तेल (फ्लेम बूस्ट), शराब (DNA डिसॉल्व)-सब उड़ेला। सुमित ने सिलेंडर वाल्व खोला (उसकी LPG नॉलेज से टाइमिंग एकदम), गैस फैलाई, लाश के पास रखा, मैच स्ट्रक। अमृता ने जाली हटाई, गेट अंदर से लॉक। एक घंटे बाद धमाका, आग भड़की, सबकुछ राख। लेकिन अमृता की भूल गई, CCTV ने एंट्री-एक्जिट कैद की और CDR ने टाइमिंग मैच की। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। एक साइंस स्टूडेंट की साजिश, जो हारी टेक से।
Ramkesh Meena Murder Case Accused: गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन?
- अमृता चौहान (21): मुरादाबाद (पीतल नगरी), BSc फॉरेंसिक। परिवार से 2024 में बेदखल। मास्टरमाइंड- सीरीज से प्लान, लेकिन डिजिटल ट्रेल्स भूल गई।
- सुमित कश्यप (27): अमृता का एक्स, LPG डिस्ट्रीब्यूटर। ब्लास्ट का 'टेक्निकल हेल्प'।
- संदीप कुमार (29): SSC/CGL एस्पिरेंट, फिजिकल अटैक का साथी।
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