दिल्ली में अब प्रदूषण का कहर, हफ्तेभर में 100% बढ़े श्वांस, खांसी के मरीज- सर्वे
कोरोना के बाद अब दिल्ली प्रदूषण का कहर झेल रही है। दो हफ्ते से भी ज्यादा समय से दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा जहरीली बनी हुई है।
नई दिल्ली, 16 नवंबर। कोरोना के बाद अब दिल्ली प्रदूषण का कहर झेल रही है। दो हफ्ते से भी ज्यादा समय से दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा जहरीली बनी हुई है। हालात ये हैं कि दि दिल्ली के लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति सांस, खांसी, आंखों में जलन और प्रदूषण से संबंधित अन्य बीमारियों से जूझ रहा है। प्रतिदिन अस्पताल में जाने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। वास्तव में, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण संबंधी बीमारी के कारण डॉक्टर या अस्पताल जाने वाले परिवारों की संख्या एक सप्ताह के भीतर 22% से बढ़कर 44% हो गई है। यानी मरीजों की संख्या में 100% की बढ़ोत्तरी हुई है।
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लोकलसर्किल्स ने किया अध्ययन
पिछले हफ्ते के गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में एक्यूआई 900 हो गया। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली एनसीआर को किस तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है, इस स्थिति को समझने के लिए लोकलसर्किल्स ने एक सर्वे किया है। सर्वेक्षण ने दिल्ली-एनसीआर के निवासियों से यह जानने की भी कोशिश की कि क्या प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए लॉकडाउन का विचार ठीक रहेगा। इस सर्वे में 25,000 लोगों ने भाग लिया जिसमें 62% पुरुष थे जबकि शेष महिलाएं थीं।
86% घरों में कोई न कोई व्यक्ति बीमार
सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर के 86% परिवारों में कोई न कोई व्यक्ति प्रदूषित हवा के कारण बीमारियों का सामना कर रहा है। पिछले हफ्ते 80% परिवारों ने कहा था कि उनके परिवार में एक या एक से अधिक सदस्य प्रदूषण से संबंधित बीमारियों जैसे सांस लेने में कठिनाई, खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन आदि का सामना कर रहे हैं।
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वहीं दूसरे हफ्ते के अंत में सर्वेक्षण में शामिल 32% ने कहा था कि वे या उनके परिवार के सदस्य गले में खराश, खांसी या आंखों में जलन से पीड़ित थे। 7% लोगों ने कहा कि उन्होंने सिरदर्द और नींद न आने की समस्या का अनुभव किया। जबकि 20% ने कहा कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। कुल मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में लगभग 59% परिवारों में प्रदूषित हवा के कारण 1 या अधिक सदस्यों के गले में खराश, खांसी और आंखों में जलन की समस्या है। लेकलसर्किल्स एक ऐसा संगठन है जो समुदायों, शासन और शहरी दैनिक जीवन के मुद्दों को उठाता है। इस सर्वेक्षण के निष्कर्षों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एनसीआर में राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाएगा।












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