दिल्ली में निवेशकों को ठगने वाले बिल्डर्स पर दर्ज होगा मुकदमा, कोर्ट ने दिया आदेश
निवेशकों के पैसे हड़पने वाली बिल्डकर कंपनियों को अब कार्रवाई तेज होने जा रही है। दिल्ली एक अदालत ने ऐसी कंपनियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया है।

Delhi News: दिल्ली में कोर्ट ने पुलिस को बिल्डर फर्मों और उनके निदेशकों के खिलाफ निवेशकों को धोखा देने के लिए दो प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने ये कार्रवाई आईएसएच रियल्टर्स कंपनी पर करने के निर्देश दिए हैं। मामले में शिकायतकर्ता ने कहा था कि कंपनी रिटर्न का भुगतान नहीं किया जा रहा। इसको लेकर जब निवेशक ने कंपनी की निवेश योजना को बारे में खोजबीन की तो पता चला कि कंपनी में उन्होंने जिस 'स्काईलाइन -109' योजना को तहत निवेश किया था उसे रजिस्ट्रेशन की अनुमति ही नहीं मिली थी। कंपनी ने झूठे दस्तावेज तैयार कर निवेश कराए थे।
आरोप है कि दिल्ली, हरियाणा और राजधानी के आसपास क्षेत्रों (Dehi NCR) में सक्रिय बिल्डर कंपनी आईएसएच रियल्टर्स ने निवेशकों के साथ धोखधड़ी की। प्रोजेक्ट के बिना अनुमति/ पंजीकरण कराए निवेश करवाया। बाद में जब निवेशकों का पैसा वापस करने बाई तो आनाकानी करने लगी। मामले में पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट यशदीप चहल ने 5 दिसंबर, 2022 को बिल्डर्स ISH Realtors Pvt Ltd, गंभीर हाउसिंग एलएलपी और उनके निदेशकों/साझेदारों विवेक अरोड़ा, प्रशांत अरोड़ा, पंकज गंभीर, नवीन गंभीर को कथित रूप से विश्वास के आपराधिक उल्लंघन, धोखाधड़ी, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने की शिकायत पर पुलिस को एफआई दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोर्ट में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि कंपनी ने जिस योजना के तहत उनसे निवेश कराया उसका पंजीकरण ही नहीं कराया गया था। बाद में जब पैसे वापस करने को कहा गया तो आरोपियों झूठे वादे किए। निवेशकों के अधिवक्ता सुमित गहलोत ने कोर्ट ने बताया कि आईएसएच रियल्टर्स और गंभीर एलएलपी ने व्यक्तियों ने धोखा दिया है और धोखाधड़ी की है।












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