Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Sewa Teerth: 78 साल बाद बदला PMO का पता, क्या है 'सेवा तीर्थ', क्यों पड़ा यह नाम और कितना आया खर्च?

Sewa Teerth: भारतीय सत्ता का केंद्र अब अपनी नई पहचान के साथ तैयार है। आजादी के बाद से लगातार 78 वर्षों तक देश की नीतियों का गवाह रहा 'साउथ ब्लॉक' अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे दारा शिकोह रोड पर नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर 'सेवा तीर्थ' का भव्य उद्घाटन करेंगे।

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना का यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा न केवल आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है, बल्कि यह औपनिवेशिक वास्तुकला से निकलकर भारतीय सोच और आधुनिक डिजाइन के संगम को दर्शाता है। करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से बना यह परिसर सुरक्षा, तकनीक और पर्यावरण अनुकूलता के मामले में दुनिया के बेहतरीन कार्यालयों को टक्कर देता है। इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद प्रधानमंत्री शाम को एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे, जो नए भारत की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति का शंखनाद होगा।

Sewa Teerth

क्यों बदला गया 78 साल पुराना पता?

1947 में आजादी मिलने के बाद से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक की ऐतिहासिक इमारत से संचालित होता रहा। लेकिन समय के साथ बढ़ती जरूरतों, तकनीकी सीमाओं और अलग-अलग जगहों पर बिखरे मंत्रालयों के कारण कामकाज में समन्वय की चुनौतियां आने लगी थीं। इसी को देखते हुए सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत एक एकीकृत परिसर बनाने का निर्णय लिया।

Sewa Teerth: एक ही छत के नीचे सत्ता के तीन स्तंभ

नया परिसर 'सेवा तीर्थ' केवल एक इमारत नहीं, बल्कि कार्यक्षमता का एक पावर-हब है। इसे तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है:

सेवा तीर्थ 1: यहां मुख्य प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) स्थित होगा।

सेवा तीर्थ 2: इसमें कैबिनेट सचिवालय का संचालन किया जाएगा।

सेवा तीर्थ 3: यहां राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का दफ्तर होगा।

पहले ये सभी विभाग अलग-अलग स्थानों से काम करते थे, जिससे तालमेल बिठाने में काफी समय लगता था। अब इन सबके एक साथ आने से राष्ट्रीय सुरक्षा और नीतिगत फैसलों में तेजी आएगी।

कर्तव्य भवन 1 और 2, मंत्रालयों का नया घर

सेवा तीर्थ के उद्घाटन के साथ ही कर्तव्य भवन 1 और 2 भी कार्यशील हो जाएंगे। इनमें देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों को शिफ्ट किया जा रहा है:

प्रमुख विभाग: वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून और सूचना प्रसारण मंत्रालय।

अन्य मंत्रालय: कृषि, रसायन एवं उर्वरक, जनजातीय कार्य समेत कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग।

'इंडिया हाउस' और आधुनिक सुविधाएं

इस नए परिसर की सबसे बड़ी खासियत यहां बना 'इंडिया हाउस' है। यह एक अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस सेंटर है, जिसे विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, द्विपक्षीय वार्ताओं और प्रेस वार्ताओं के लिए डिजाइन किया गया है। साउथ ब्लॉक में इस तरह के बड़े आयोजनों के लिए कोई एक निश्चित और आधुनिक स्थान नहीं था।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप निर्माण

सुरक्षा और लचीलापन: यह इमारत भूकंप जैसी आपात स्थितियों में भी सुरक्षित और चालू रहने के लिए डिजाइन की गई है। यहां उन्नत सुरक्षा घेरा और निगरानी तंत्र लगाया गया है।

डिजिटल और ग्रीन ऑफिस: कार्यालयों को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। साथ ही, ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन करते हुए यहां सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और आधुनिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था है।

लागत: इस पूरे अत्याधुनिक परिसर के निर्माण पर सरकार ने लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

ऐतिहासिक धरोहरों का क्या होगा?

प्रधानमंत्री कार्यालय और मंत्रालयों के नए भवनों में शिफ्ट होने के बाद, ऐतिहासिक नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली नहीं छोड़ा जाएगा। सरकार की योजना इन्हें 'युग युगीन भारत संग्रहालय' के रूप में विकसित करने की है। इससे आम जनता को इन इमारतों के भीतर जाने और देश के प्रशासनिक इतिहास को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+