दिल्ली सरकार का लिखित आदेश मानने से इनकर कर रहे UD विभाग के सचिव: वित्त मंत्री आतिशी
दिल्ली में पानी के बिल को लेकर शिकायतों के बीच केजरीवाल सरकार ने वाटर बिल से जुड़ी समस्या के हल के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाई है, जिसे वन टाइम वाटर सेटेलमेंट स्कीम (One Time Water Bill Settlement Scheme) नाम दिया गया है। कैबिनेट के प्रस्ताव को दिल्ली के उपराज्यपाल कार्यालय से मंजूरी के बाद भी स्कीम को अब तक नोटिफाई नहीं किया जा सका है, ऐसे में वित्त मंत्री आतिशी मार्लेना ने यूडी विभाग के सचिव को निशाने पर लिया है।
वन टाइम वाटर सेटलमेंट स्कीम को एलजी कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार और अफसरों को बीच तकरार सामने आई है। वित्त मंत्री आतिशी मार्लेना ने बृहस्पतिवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यूडी विभाग के सचिव ने यूडी मंत्री और वित्त मंत्री के लिखित आदेश को मानने से इनकार कर दिया है।

मंत्री आतिशी ने कहा, " यूडी विभाग के सचिव ने यूडी मंत्री और वित्त मंत्री के लिखित आदेश को मानने से इनकार कर दिया। वन टाइम वाटर सेटेलमेंट स्कीम को लेकर एलजी साहब की स्पीच के बाद स्थिति से उन्हें अवगत कराया गया। अफसर अगर सरकार के आदेश को नहीं मानेंगे तो स्थिति संवैधानिक संकट की होगी। अगर अफसर मंत्री की नहीं मानेंगे, तो सरकार नहीं चल सकती।"
दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री ने कहा, "एलजी साहब ने कहा कि मंत्री परिषद के सामने प्रस्ताव आना चाहिए। उनके सुझाव अनुसार यूडी मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्य सचिव को कैबिनेट नोट की फाइल भेज दी है और निर्देश दिए हैं कि अगले हफ्ते तक प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के के सामने पेश किए जाएं।"












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