Video: 'AI सब कर सकता है,पर दिल्ली का ट्रैफिक नहीं', AI समिट में ऋषि सुनक ने जब मंच से कही इतनी बड़ी बात
Rishi Sunak AI summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच पर उस वक्त हल्की हंसी गूंज उठी, जब ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने दिल्ली के ट्रैफिक पर चुटकी ली।
भारत मंडपम में आयोजित इस वैश्विक कार्यक्रम में पहुंचे ऋषि सुनक ने सत्र की शुरुआत ही एक मजेदार अंदाज में की और देरी के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि AI बहुत कुछ कर सकता है, लेकिन अभी तक दिल्ली के ट्रैफिक को ठीक नहीं कर पाया है।

ऋषि सुनक इंटरैक्टिव सेशन में कुछ मिनट देरी से पहुंचे। मंच पर आते ही उन्होंने दर्शकों से माफी मांगी और कहा कि देरी पूरी तरह उनकी गलती है। फिर मुस्कुराते हुए कहा इस हफ्ते हमने देखा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत कुछ कर सकता है, लेकिन यह अभी दिल्ली के ट्रैफिक जाम का समाधान नहीं कर पाया है।
उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गई और लोगों ने इसे समिट का सबसे यादगार पल बताया।
अब जानिए भारत की तारीफ में क्या बोले ऋषि सुनक?
🔹 इससे पहले बतौर कीनोट स्पीकर संबोधित करते हुए ऋषि सुनक ने कहा कि AI परिवर्तन पर चर्चा के लिए भारत से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि दुनिया को एक ऐसे नियमित मंच की जरूरत है, जहां देश मिलकर इस तकनीक पर विचार कर सकें और यह समिट वही अवसर प्रदान करता है।
🔹 उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह मंच सिर्फ विकसित देशों के लिए नहीं, बल्कि विकासशील दुनिया के लिए भी AI को उपयोगी बनाने का रास्ता दिखाएगा। सुनक ने जोर देकर कहा कि यह समिट दिखाएगा कि AI कैसे दुनिया के हर कोने में स्वास्थ्य और शिक्षा को बेहतर बना सकता है।
🔹 समिट के दौरान 'AI for All: Reimagining Global Cooperation' सत्र में ऋषि सुनक ने AI को लेकर वैश्विक नजरिए की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि भारत में AI को लेकर उत्साह और भरोसा दिखाई देता है, जबकि पश्चिमी देशों में फिलहाल चिंता और असमंजस ज्यादा है।
🔹 उनके मुताबिक AI पर बहस अब सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह रणनीति का विषय बन चुकी है। सवाल अब यह नहीं है कि तकनीक क्या कर सकती है, बल्कि यह है कि देश उसके साथ क्या करना चाहते हैं।
ऋषि सुनक बोले- AI नेतृत्व के लिए भारत तैयार है!
ऋषि सुनक ने यह भी कहा कि राजनीतिक नेताओं के लिए AI को साइड विषय की तरह नहीं, बल्कि केंद्रीय जिम्मेदारी की तरह लेना होगा। उन्होंने भारत की डिजिटल सार्वजनिक संरचना, विशाल टैलेंट पूल और तकनीक के प्रति सकारात्मक सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत AI नेतृत्व के लिए बेहद मजबूत स्थिति में है।
उनका मानना है कि तकनीक में नेतृत्व केवल आविष्कार से नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर उसके उपयोग और तैनाती से तय होता है। भारत ने इस दिशा में तेजी दिखाई है और यही उसे वैश्विक AI मानचित्र पर अग्रणी बना सकता है।












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