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Republic Day Parade Bhairav Battalion: दुश्मन के लिए काल और देश के लिए ढाल, क्यों खास है सेना की यह नई यूनिट?

Republic Day Parade Bhairav Battalion: 26 जनवरी 2026 का गणतंत्र दिवस भारत के सैन्य इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। इस बार नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में भारतीय सेना की एक नवनिर्मित और बेहद शक्तिशाली यूनिट, '4 भैरव बटालियन', पहली बार कदमताल करती नजर आएगी।

मेजर अंजुम गोरखा के नेतृत्व में सिख लाइट इंफैंट्री रेजिमेंट का यह दस्ता न केवल अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करेगा, बल्कि आधुनिक युद्ध कौशल के प्रति भारत के बदलते दृष्टिकोण को भी दुनिया के सामने रखेगा। अक्टूबर 2025 में गठित इस यूनिट ने हाल ही में जयपुर में आर्मी डे परेड के दौरान अपनी पहली झलक दिखाई थी, लेकिन गणतंत्र दिवस के वैश्विक मंच पर इसकी मौजूदगी भारत की सुरक्षा तैयारियों और भविष्य की रणनीतिक सोच का एक सशक्त संदेश देगी।

Republic Day Parade Bhairav Battalion

इंफैंट्री और स्पेशल फोर्सेज का बेजोड़ संगम

4 भैरव बटालियन का निर्माण एक खास उद्देश्य के लिए किया गया है। यह बटालियन पारंपरिक इंफैंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच की खाई को पाटने का काम करती है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि यह कठिन से कठिन हालात में बिजली की गति से कार्रवाई कर सके।

  • आधुनिक तकनीक: यह यूनिट लेटेस्ट वेपन सिस्टम और एडवांस्ड निगरानी उपकरणों से लैस है।
  • त्वरित जवाबी कार्रवाई: पहले वार की क्षमता और तेज मूवमेंट ही इस बटालियन की असली पहचान है।
  • हर इलाके के लिए तैयार: चाहे ऊंचे बर्फीले पहाड़ हों या घने जंगली क्षेत्र, भैरव बटालियन को हर परिस्थिति में दुश्मन को मात देने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

नाम का रहस्य, शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक

इस यूनिट का नाम 'भैरव' भगवान शिव के एक प्रचंड स्वरूप से लिया गया है। यह नाम केवल शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, साहस और अटूट संतुलन का संदेश देता है। यह बटालियन सेना की उस सोच को दर्शाती है जहाँ ताकत के साथ संयम और साहस के साथ जिम्मेदारी का मेल होता है।

'संत सिपाही' की महान परंपरा का विस्तार

फतेहगढ़ स्थित सिख लाइट इंफैंट्री रेजिमेंटल सेंटर में तैयार हुई यह बटालियन 'संत सिपाही' की सदियों पुरानी परंपरा को जीवंत करती है। यहाँ सैनिकों को केवल युद्ध कौशल ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि उनमें सही और गलत के बीच फर्क करने के संस्कार भी भरे जाते हैं।

आध्यात्मिक प्रेरणा: गुरु गोविंद सिंह जी के श्लोक "देह शिवा वर मोहे इहे, शुभ कर्मन ते कभुं न टरू" (हे ईश्वर, मुझे वरदान दें कि मैं शुभ कर्मों से कभी पीछे न हटूं) से प्रेरित ये सैनिक कर्तव्य को सर्वोपरि मानते हैं।

रणघोष: जब कर्तव्य पथ पर "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" का उद्घोष गूंजेगा, तो यह भारत की उस अजेय शक्ति का प्रमाण होगा जो अपने नैतिक मूल्यों पर अडिग रहती है।

भविष्य के युद्ध की तैयारी

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में युद्ध का स्वरूप बदल रहा है। अब केवल संख्या बल नहीं, बल्कि प्रभावी और त्वरित प्रहार (Surgical Precision) की आवश्यकता है। 4 भैरव बटालियन इसी रणनीतिक बदलाव का हिस्सा है। यह यूनिट सेना को किसी भी मोर्चे पर बहुत कम समय में पहुंचने और प्रभावी ढंग से ऑपरेशन को अंजाम देने की ताकत प्रदान करती है। कर्तव्य पथ पर इनका मार्च केवल एक परेड नहीं, बल्कि भारत की आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम सेना का वैश्विक ऐलान है।

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