दिल्ली में लोको पायलटों से मिले राहुल गांधी, एक-एक कर सुनी समस्यां, मांगों को बुलंद करने का किया वादा
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार (5 जुलाई) को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेलवे के लगभग 50 लोको पायलटों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रेलवे में सीमित भर्ती पर चिंता जताई और इसे युवाओं के साथ अन्याय बताया। उन्होंने लोको पायलटों की समस्याओं और उनकी मांगों को सुना और उनके समर्थन में अपनी आवाज उठाने का आश्वासन दिया।
इस मुलाकात का उद्देश्य रेलवे में नौकरी के अवसर बढ़ाने और कर्मचारियों की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करना था। यह मुलाकात राहुल गांधी की उन गतिविधियों का हिस्सा थी जिनमें वे विभिन्न श्रमिक वर्गों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

लोको पायलटों ने 46 घंटे का साप्ताहिक आराम मांगा
पार्टी के अनुसार, उनसे बातचीत के दौरान लोको पायलटों ने मुख्य रूप से अपर्याप्त आराम की शिकायत की और 46 घंटे का साप्ताहिक आराम मांगा। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पर्याप्त ब्रेक के बिना लंबे समय तक काम करने से बहुत तनाव होता है और एकाग्रता में कमी आती है, जो दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है। बयान में यह भी कहा गया है कि विशाखापत्तनम में हुई दुर्घटना की हाल की जांच सहित कई रिपोर्टों में रेलवे ने इस बात को स्वीकार किया है।

पार्टी ने कहा कि लोको पायलट 46 घंटे का साप्ताहिक आराम मांग रहे हैं। इसका मतलब है कि शुक्रवार दोपहर को घर लौटने वाला ट्रेन ड्राइवर रविवार सुबह से पहले ड्यूटी पर वापस नहीं आएगा। रेलवे अधिनियम 1989 और अन्य नियमों में पहले से ही प्रति सप्ताह 30 + 16 घंटे के आराम का प्रावधान है, जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। हवाई जहाज के पायलटों को भी आमतौर पर इतना ही आराम मिलता है। वे यह भी मांग करते हैं कि लगातार दो रातों की ड्यूटी के बाद एक रात का आराम होना चाहिए और ट्रेनों में ड्राइवरों के लिए बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए।
कांग्रेस ने जारी किया ये वीडियो
सरकार पर भर्तियां रोकने का आरोप
कांग्रेस पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लोको पायलटों की सभी भर्तियों को रोकने के कारण कर्मचारियों की कमी के कारण आराम की कमी हो रही है। पार्टी ने कहा कि पिछले चार सालों में रेलवे भर्ती बोर्ड ने हजारों रिक्तियों के बावजूद एक भी लोको पायलट की भर्ती नहीं की है। पायलटों ने आशंका जताई है कि यह जानबूझकर उठाया गया कदम मोदी सरकार द्वारा रेलवे का निजीकरण करने की योजना है।
बयान में आगे कहा गया है कि गांधी ने उनकी चिंताओं को सुना और पर्याप्त आराम की उनकी मांग का पूरा समर्थन किया। बयान में कहा गया है कि विपक्ष के नेता के रूप में, उन्होंने सरकार के समक्ष उनकी मांगों को उठाने का वादा किया।












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