पंजाब से सिंघु बॉर्डर आया किसानों का जत्था, राकेश टिकैत बोले- हमें राजनीति में नहीं आना, बस मांगें मान लो
नई दिल्ली, 6 सितम्बर, 2021: केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरुद्ध महीनों से जारी किसान आंदोलन अब और तेज होने जा रहा है। किसान संगठनों ने मिशन उत्तर प्रदेश शुरू करने का ऐलान किया है। साथ ही दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शनकारियों की तादाद बढ़ाई जा रही है। हरियाणा, पंजाब और यूपी समेत कई राज्यों के किसान दिल्ली से सटे इलाकों में पहुंच रहे हैं। बड़ी तादाद में किसानों के रेला अमृतसर से आज दिल्ली पहुंचा। इस दौरान उनके ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर खास तरह के तंबू नजर आए।

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर ऐसे तंबू लगे हैं, जो कि उसमें बैठे लोगों को धूप और बारिश से बचा सकते हैं। किसान कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कल अमृतसर से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। तब किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा था, "हमारा पहला जत्था सिंघु बॉर्डर पहुंच रहा है। इसके बाद यहीं से 15 सितंबर को दूसरा जत्था दिल्ली जाएगा।"


हरियाणा-लाठीचार्ज पर बोले किसान नेता निर्मल सिंह
किसान नेता निर्मल सिंह ने हाल ही हरियाणा में किसानों पर हुए पुलिस के लाठीचार्ज पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि, 'जिन्हें जनता ने सुरक्षा का अधिकार दिया, वही किसानों का सिर फोड़ रहे हैं। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि, मुजफ्फऱनगर महापंचायत में 18 से 20 लाख लोग जो जुटे..वे भाजपाई सत्ता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

वहीं, किसानों की मांगों को लेकर राकेश टिकैत शुरू से ही इस संघर्ष में अहम भूमिका निभाते आए हैं। अब जब तक कामयाबी हासिल नहीं हो जाएगी तब तक हम पूरी तरह से सहयोग देते रहेंगे।

राकेश टिकैत बोले- हमें राजनीति में नहीं आना
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी आज बड़ा बयान दिया है। टिकैत ने केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यान के बयान 'अगर किसान राजनीति में आना चाहते हैं तो वो उनका स्वागत करेंगे' पर कहा कि, हमें राजनीति में नहीं आना है। वो हमारे मुद्दों का हल निकालें और हमारी बात सरकार से करवा दें।
गाज़ियाबाद में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जोर देकर आगे कहा कि, ''जब तक 3 कृषि कानूनों की वापसी नहीं होगी, तब तक हम ना ही धरना स्थल छोड़ेंगे और ना ही आंदोलन छोड़ेंगे।'












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