गवर्नेंस में जनता के सुझाव को शामिल कराना CM केजरीवाल की प्राथमिकता: आतिशी मार्लेना
केंद्र शासित राज्य दिल्ली में शासन और प्रशासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने हाल में जनता से कई सुझाव मांगे थे। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने दावा किया है कि गवर्नेंस में जनता के सुझावों को शामिल करना सीएम केजरीवाल की प्राथमिकता रही है। आतिशी ने कालका जी में लोगों को संबोधित करते हुए ये बात कही।
दिल्ली मंत्री आतिशी रविवार (10 दिसंबर) को कालका जी एक्सटेंशन में सिख समाज के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने कहा की दिल्ली के अन्य क्षेत्रों की तरह ही कालजी के विकास के लिए सीएम केजरीवाल प्रयासरत हैं। मंत्री ने दावा किया कि दिल्ली में बेहतर शासन प्रणाली की व्यवस्था की जा सके इसके लिए कई कदम उठाए गए हैं।

मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा, "गवर्नेंस में सुझावों को जनता के शामिल करना हमेशा केजरीवाल सरकार की प्राथमिकता रही है। इन सुझावों पर काम करते हुए हम अपने कालकाजी को तरक्की की राह में आगे बढ़ायेंगे।"
वहीं दिल्ली सरकार ने इस हफ्ते कैबिनेट में बड़ा बदलावा किया। मंत्री कैलाश गहलोत से शुक्रवार को कानून और न्याय विभाग वापस ले लिया गया। कानून विभाग का प्रभार आतिशी को सौंपा गया। इस बदलाव से पहले उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने शहर में न्यायिक बुनियादी ढांचे और प्रशासन से संबंधित फाइल मंगाई थीं। कारण था कि ये फाइल कई महीनों से गहलोत के पास लंबित थीं।
अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने उपराज्यपाल कार्यालय को पत्र लिखकर आतिशी को कानून विभाग का प्रभार सौंपने की सिफारिश की है। इसे सक्सेना की मंजूरी मिल गई है। इस बदलाव के साथ आतिशी के पास मौजूद विभागों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इससे पहले अक्टूबर में उन्हें जल विभाग का प्रभार सौंपा गया था। जून में आतिशी को राजस्व, योजना और वित्त विभागों का प्रभार दिया गया था। ये विभाग पहले गहलोत के पास थे। गहलोत के पास अब परिवहन, गृह, प्रशासनिक सुधार और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का प्रभार है।












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