दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंचा, लागू हुई GRAP-3 की पाबंदियां
दिल्ली में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर से जिस तरह से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है उसको देखते हुए एयर क्वालिटी मैनेजमैंट कमीशन की ओर से शहर में ग्रैप 3 के नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
एयर मैनेजमेंट कमीशन की ओर से कहा गया है कि एसीआर राज्यों को बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल चार पहिया वाहनों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर जिलों में प्रतिबंधित करना चाहिए।

निर्माण, पत्थर काटना और खनन से जुड़े काम को रोक देना चाहिए। दिल्ली के वरिष्ठ ट्रांसपोर्ट अधिकारी ने कहा कि शनिवार की सुबह से इन प्रतिबंधों को लागू कर दिया जाएगा।
दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स शुक्ववार को 409 था, जोकि 28 दिन के बाद गंभीर की श्रेणी में आया है। इससे पहले 2 नवंबर से 28 नवंबर के बीच ग्रैप-3 की पाबंदियों को लागू किया गया था।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानि ग्रैप 3 की पाबंदियों को लागू करने की जानकारी देते हुए शुक्रवार को एयर क्वालिटी कमीशन की ओर से कहा गया कि दिल्ली और एनसीआर स्कूलों को बंद करने का फैसला ले सकते हैं।
वो चाहे तो कक्षा 5 तक की क्लास ऑनलाइन माध्यम से चलाएं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं को और बढ़ाएं और लोगों को अलग-अलग समय पर किराये में रियायत दें जिससे कि लोग अलग-अलग समय पर यात्रा करें।
रेलवे सेवा या रेलवे स्टेशन, मेट्रो सेवा या फिर स्टेशन, एयरपोर्ट या डिफेंस से संबंधित, राष्ट्रहित के लिए जरूरी निर्माण कार्य, अस्पताल या स्वास्थ्य सेवा से जुड़े आदि निर्माण कार्य हो सकते हैं। जिन कामकाज से धूल नहीं होती और प्रदूषण नहीं होता उन कामों को जारी रखा जा सकता है। जैसे इलेक्ट्रिकल वर्क, डेकोरेशन, कारपेंटर आदि।
सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट की रिसर्च एंड एडवोकेसी एक्जेक्युटिव डायरेक्टर अनुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि हमारी लंबी अवधि की शोध कहती है कि दिसंबर अंत और जनवरी की शुरुआत तक काफी घना स्मोग देखने को मिल सकता है। ऐसे में काफी सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि स्थानीय प्रदूषण को बढ़ाने से रोका जा सके।












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