सत्ता के शिखर पर नारी शक्ति, PM ने कहा, राष्ट्रपति भवन से दिल्ली CM दफ्तर तक, सत्ता की कमान अब महिलाओं के पास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा है कि भारत में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व से देश का लोकतंत्र और मजबूत हो रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आज महिलाएं सिर्फ लोकतंत्र का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि अहम जिम्मेदारियां संभालकर देश की दिशा तय कर रही हैं।
कॉमनवेल्थ सम्मेलन में PM मोदी का संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात कॉमनवेल्थ देशों के संसद अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन में कही। इस कार्यक्रम में दुनिया भर से आए नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा और उसकी खास ताकतों पर रोशनी डाली।

भारत की विविधता बनी लोकतंत्र की ताकत
PM मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को कमजोरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की ताकत बनाया है। इसी सोच का नतीजा है कि देश में हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है, खासकर महिलाओं को।
देश के बड़े पदों पर महिलाएं
प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि भारत की राष्ट्रपति एक महिला हैं और जिस दिल्ली में यह सम्मेलन हो रहा है, वहां की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव दिखाता है कि भारतीय महिलाएं अब नेतृत्व की भूमिका में आगे आ रही हैं और फैसले लेने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
लोकतंत्र में भरोसे की वजह बनी संस्थाएं
PM मोदी ने कहा कि भारत की मजबूत संस्थाएं और साफ नियमों की वजह से देश इतने बड़े स्तर पर भी तेजी और स्थिरता के साथ काम कर पा रहा है। इससे लोगों का लोकतंत्र पर भरोसा बढ़ा है और उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई है।
ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की बात मजबूती से रखता रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने उन देशों की चिंताओं को प्राथमिकता दी, जिनकी आवाज अक्सर दब जाती है।
तकनीक से लोकतंत्र को ताकत
PM मोदी ने तकनीक की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जिन्हें दूसरे देश भी आसानी से अपना सकें। इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को और पारदर्शी व मजबूत बनाया जा सकता है।
रिकॉर्ड भागीदारी वाला सम्मेलन
यह तीन दिन का सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक चला, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की।
इसमें
- 42 देशों से
- 61 संसद अध्यक्ष और अधिकारी शामिल हुए
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और जनता से जुड़ाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।












Click it and Unblock the Notifications