OPINION: दिल्ली में प्रदूषण पर प्रहार के लिए ऑड-ईवन फॉर्मूला अहम, चर्चा में पुरानी स्कीम
दिल्ली में प्रदूषण स्तर में सुधार के बाद एक बार फिर से सोमवार से स्कूल खुलने जा रहे हैं। इस बीच राष्ट्रीय राजधानी में की हवा को जहरीली होने से रोकने के लिए सीएम केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के ऑड- ईवन फॉर्मूले को लेकर एक बार फिर से चर्चा तेज हो गई है।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण की गंभीर स्थिति पर नियंत्रण के कई बड़े कदम उठाए हैं। इसके लिए सरकार ने छह सदस्यीय स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। ये टीम प्रदूषण के रोकथाम में जुटी विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय करने के साथ दैनिक आधार पर सरकार को रिपोर्ट भेजेगी।

समिति की अध्यक्षता दिल्ली के विशेष सचिव (पर्यावरण) को सौंपी गई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को टीम के पांच अन्य सदस्य रूप में शामिल किया गया है। इस बीच दिल्ली की इक पुरानी प्रदूषण नियंत्रण नीति की चर्चा जोरों पर हैं। दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में जहरीली हवा पर नियंत्रण के लिए अब दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन फॉर्मूले की आवश्यकता है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राज्य में प्रदूषण नियंत्रम का जिम्मा संभाल रही अधिकारियों की टीम के फटकार भी लगाई है। मंत्री ने वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मॉनीटरिंग की खास व्यवस्था करने की बात कही है।
बढ़ते पदूषण के बीच दिल्ली सरकार की ओर एक बार फिर से ऑड-ईवन नियम लागू किया जा सकता है। ये दावा इसलिए भी किया क्या जा रहा है क्योंकि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने याद दिलाया कि ऑड-ईवन नियम को अभी खारिज नहीं किया गया है।
मीडिया से बातचीत में पर्यावरण मंत्री ने कहा कि ऑड-ईवन को लेकर कई लोगों के मन में सवाल हैं। आज की बैठक में यह फैसला किया गया कि अगर दिल्ली की हवा गंभीर प्लस श्रेणी (450) तक पहुंचती है, तो सरकार समीक्षा करेगी और ऑड-ईवन लागू करके निर्णय लेगी।
क्या है ऑड-ईवन नियम?
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन नियम लागू किया था। जिसके तहत निजी वाहनों के उपयोग के सीमित किया गया था। इस नियम के मुताबिक, ऑड नंबर पर समाप्त होने वाले पंजीकरण संख्या वाले वाहनों को वैकल्पिक दिनों में और ईवन संख्या वाले वाहनों को अन्य वैकल्पिक दिनों में चलने की अनुमति होती है।












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