NCERT का बड़ा फैसला, 12वीं के सिलेबस से हटाया अलग सिख राष्ट्र खालिस्तान की मांग का चैप्टर
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने 12वीं की पॉलिटिकल साइंस सिलेबस से अलग सिख राष्ट्र खालिस्तान की मांग के चैप्टर को हटा दिया है। इसकी जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने दी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा पॉलिटिकल साइंस सिलेबस से मुहम्मद इकबाल का चैप्टर हटाए जाने के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा लिए गए एक फैसले ने खलबली मचा दी है। दरअसल, एनसीईआरटी ने 12वीं की पॉलिटिकल साइंस सिलेबस से अलग सिख राष्ट्र खालिस्तान की मांग के चैप्टर को हटा दिया गया है। इसकी जानकारी शिक्षा मंत्रालय ने दी है।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि एनसीईआरटी की 12वीं कक्षा के सिलेबस में सिखों के बारे में ऐतिहासिक विवरण गलत तरह से प्रस्तुत करने के एसजीपीसी के दावे के बाद पुस्तकों में बदलाव किया गया है। जिसके तहत अलग सिख राष्ट्र खालिस्तान की मांग के चैप्टर को हटा दिया गया है।
DU के सिलेबस से हटा मुहम्मद इकबाल का चैप्टर
आपको बता दें कि हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) द्वारा पॉलिटिकल साइंस सिलेबस से मुहम्मद इकबाल का चैप्टर हटाया गया है। मुहम्मद इकबाल वहीं शख्स हैं, जिन्होंने प्रसिद्ध गीत 'सारे जहां से अच्छा" लिखा था। मुहम्मद इकबाल ने पाकिस्तान देश की अलग मांग की थी। बंटवारे के बाद इकबाल पाकिस्तान चले गए थे।
वहीं, डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि मुझे नहीं पता कि हम उनके (मुहम्मद इकबाल ) हिस्से को क्यों पढ़ा रहे थे। मैं मानता हूं कि उन्होंने लोकप्रिय गीत 'सारे जहां से अच्छा' की रचना कर भारत की सेवा की, लेकिन उस पर कभी विश्वास नहीं किया। डीयू के कुलपति ने भारतीय क्रांतिकारी वीर सावरकर पर अध्याय जोड़ने की बात कही है।












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