दिल्ली: अंधेरे में जी रहे हिंदू शरणार्थियों ने बिजली के लिए दी अर्जी, कोर्ट में मोदी सरकार ने कहा-अवैध है कैंप

दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में झुग्गी बस्ती में रह रहे पाकिस्तान से आए 200 हिंदू शरणार्थी परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अच्छे दिन का सपना लेकर वे पाकिस्तान से भारत आए लेकिन बिजली के बिना उनका जीवन अंधकारमय है। उजाला के लिए उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली है। इस मामले में दायर याचिका पर 22 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। उससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले महीने केंद्र की मोदी सरकार, दिल्ली की केजरीवाल सरकार को नोटिस भेजकर इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था। अब मोदी सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब देते हुए हिंदू शरणार्थियों को बिजली कनेक्शन देने की याचिका का विरोध किया है। मोदी सरकार ने कहा है कि दिल्ली जल बोर्ड मैदान में कैंप बनाकर हिंदू शरणार्थियों ने रक्षा विभाग की जमीन पर अवैध अतिक्रमण किया है।

'डीआरडीओ की जमीन पर किया अतिक्रमण'

'डीआरडीओ की जमीन पर किया अतिक्रमण'

मोदी सरकार ने अदालत में कहा है कि अगस्त 2018 में 70.253 एकड़ जमीन रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) को दी गई थी। उस जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर बनाए गए आवास को खाली कराने के प्रयास जारी हैं और इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस की मदद ली जा रही है। मोदी सरकार ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने दिल्ली जल बोर्ड और नॉर्थ दिल्ली पावर लिमिटेड के सामने भी इस मामले को उठाया है और कहा है कि अवैध रूप से आवास बनाकर रह रहे इन शरणार्थियों को बिजली और पानी की सुविधा न दी जाय।

याचिका में कोर्ट से हस्तक्षेप का अनुरोध

याचिका में कोर्ट से हस्तक्षेप का अनुरोध

हिंदू शरणार्थियों की तरफ से सामाजिक कार्यकर्ता हरिओम ने वकील समीक्षा मित्तल, आकाश वाजपेयी और आयुष सक्सेना के माध्यम से दिल्ली हाईकोर्ट में पिछले महीने याचिका डाली है जिस पर 22 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। याचिका में कहा गया है कि ज्यादातर शरणार्थियों के पास लंबी अवधि का वीजा है और उनके पास आधार कार्ड भी हैं। लेकिन पावर कंपनी का कहना है कि आधार कार्ड से सिर्फ पहचान सुनिश्चित की जा सकती है, यह आवास का वैध प्रमाणपत्र नहीं होता। इस वजह से पावर कंपनी इन हिंदू शरणार्थियों की झुग्गियों के पते पर बिजली कनेक्शन देने से मना कर देते हैं। महामारी के दौरान स्कूल में ऑनलाइन क्लासेज हो रहे हैं, बिजली नहीं रहने से इन हिंदू परिवारों के बच्चों का भविष्य अंधकार में है।

22 अक्टूबर को है सुनवाई

22 अक्टूबर को है सुनवाई

याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि हिंदू शरणार्थियों के आवास के सत्यापन के लिए वह दिल्ली विद्युत नियामक आयोग को आधार कार्ड और लंबी अवधि के वीजा को वैध व पर्याप्त प्रमाण मानने का निर्देश दे। याचिका के मुताबिक, आदर्श नगर की झुग्गियों में 200 हिंदू शरणार्थी परिवारों में करीब 800 लोग रह रहे हैं। इस याचिका पर पिछले महीने सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस अमित बंसल की खंडपीठ ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, एनडीएमसी, डीईआरसी, टीपीडीडीएल और उत्तरी दिल्ली के डीएम को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। हाईकोर्ट इस पर शुक्रवार 22 अक्टूबर को सुनवाई करेगी जिसमें फैसला आ सकता है।

भाजपा नेता ने झुग्गी में जाकर किया था वादा- दिलाएंगे बिजली

भाजपा नेता ने झुग्गी में जाकर किया था वादा- दिलाएंगे बिजली

सोशल मीडिया पर दिल्ली भाजपा के चर्चित नेता कपिल मिश्रा का 27 जून 2018 का ट्वीट है जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों की झुग्गियों की दयनीय हालत की तस्वीरों को पोस्ट किया था। वे उनसे मिलने गए थे और उनको बिजली कनेक्शन दिलाने का वादा किया था। कपिल मिश्रा ने झुग्गी में बिजली कनेक्शन काटने को लेकर दिल्ली की केजरीवाल सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने ट्वीट में लिखा था कि दिल्ली में पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों से मिला। वे धर्म की रक्षा, सम्मान और गौरव के लिए भारत में रहने के लिए आए। 2013 तक इनके कैंप में सिर्फ एक बिजली कनेक्शन था, उसको भी दिल्ली सरकार ने काट दिया। हम इन शरणार्थियों को बिजली कनेक्शन वापस दिलाएंगे।

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