MCD मेयर चुनाव: पीठासीन अधिकारी को लेकर AAP ने जताई आपत्ति, केजरीवाल ने LG को लिखा पत्र
दिल्ली में मेयर के चुनाव हो रहे, उससे पहले आम आदमी पार्टी और उपराज्यपाल आमने-सामने आ गए। इस बार पीठासीन अधिकारी को लेकर विवाद हुआ है।

दिल्ली में आज मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव हो रहे हैं, लेकिन इससे एक दिन पहले शुक्रवार को उपराज्यपाल ने बीजेपी पार्षद सत्य शर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त कर दिया। इसके अलावा उन्हें प्रोटेम स्पीकर भी बनाया गया, जो पार्षदों को शपथ दिलाएंगे, जिससे आम आदमी पार्टी नाराज है। उसने बीजेपी और उपराज्यपाल पर लोकतांत्रिक परंपराओं को नष्ट करने का आरोप लगाया।
एलजी सचिवालय से जारी अधिसूचना के मुताबिक अधिनियम की धारा 77 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर ने सत्या शर्मा को महापौर के चुनाव के लिए बैठक की अध्यक्षता करने के लिए नामित किया है। उन्हें अधिनियम की धारा 32 के तहत जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। सत्य शर्मा तीनों नगर निगमों के विलय से पहले पूर्वी दिल्ली के मेयर थे।
इस अधिसूचना के जारी होते ही AAP ने बीजेपी और एलजी पर पलटवार किया। AAP नेताओं ने कहा कि एलजी ने अवैध और असंवैधानिक फैसला लिया है। उन्होंने जनता द्वारा चुनी गई दिल्ली की सरकार को दरकिनार कर दिया। इस बीच दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी एलजी को पत्र लिखकर महापौर चुनाव से पहले नामांकन पर पुनर्विचार करने की मांग की।
केजरीवाल ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाइयां पूरी तरह से असंवैधानिक हैं। ये संविधान के साथ धोखाधड़ी करने जैसा है। ऐसे में उपराज्यपाल अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और उसे वापस लें। वहीं दूसरी ओर गुरुवार को डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी एमसीडी आयुक्त को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने अवैध उम्मीदवारों के शपथ ग्रहण के संबंध में आगे कोई कार्रवाई करने से रोकने का निर्देश दिया।
क्या है समीकरण?
इस बार आम आदमी पार्टी ने नगर निगम चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया। जिसमें उसे 134 सीटें मिलीं, जो पूर्ण बहुमत के लिए काफी है। इसके अलावा बीजेपी ने 104 सीटें हासिल कीं, जबकि कांग्रेस 9 पर ही सिमट गई। परिणाम आने के बाद कुछ कांग्रेस पार्षदों ने AAP का समर्थन भी किया था।












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