दिल्ली: उपराज्यपाल ने फिर वापस भेजीं 47 फाइलें, CM केजरीवाल के नहीं थे हस्ताक्षर
नई दिल्ली, 27 अगस्त: केजरीवाल सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल में टकराव खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। ताजा मामले में एलजी कार्यालय ने 47 फाइलें दिल्ली सरकार को लौटा दी हैं। इसके पीछे की वजह उन फाइलों पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर नहीं होने को बताया गया। एलजी ऑफिस के मुताबिक मुख्यमंत्री की जगह पर CMO के स्टॉफ ने उस पर हस्ताक्षर करके भेजे थे। लौटाई गई फाइलों में ज्यादातर शिक्षा विभाग और वक्फ बोर्ड से संबंधित फाइलें हैं।

इस मुद्दे को बीजेपी भी उठा चुकी है। हाल ही में बीजेपी प्रवक्ता ने पूछा था कि आखिर अरविंद केजरीवाल सरकारी फाइलों पर हस्ताक्षर क्यों नहीं करते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सब कुछ तय करते हैं, लेकिन जवाबदेही से बचने के लिए फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करते, ताकि अगर कोई मामला फंसे तो वो अधिकारियों को आगे कर सकें। पात्रा ने ये भी कहा था कि रूल बुक में साफ लिखा है कि अगर सीएम दिल्ली में मौजूद हैं, तो वो खुद ही फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे और उसे उपराज्यपाल के यहां भेजेंगे, लेकिन केजरीवाल ऑफिस में होते हुए भी ऐसा नहीं करते हैं।
एलजी लिख चुके हैं चिट्ठी
आपको बता दें कि हाल ही में दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सीएम को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं करने को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आप खुद फाइलों पर हस्ताक्षर क्यों नहीं करते हैं? कृपया सीएमओ स्टॉफ के दस्तखत वाली फाइलें मेरे पास ना भेजें। उन्होंने ये भी बताया कि केजरीवाल लगातार अपनी ज्वाइंट सेक्रेटरी के माध्यम से फाइल भेज दिया करते थे, जो सही नहीं है।
AAP का ये है आरोप
वैसे फाइलों को लौटाने का विवाद कोई नया नहीं है। पिछले उपराज्यपाल के कार्यकाल के दौरान भी यही मामला देखने को मिलता था। इस मामले में आम आदमी पार्टी हमेशा से यही कहती रही है कि एलजी दिल्ली का विकास होते नहीं देख सकते, ऐसे में वो कमी निकालकर फाइलों को लटका देते हैं।












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