नन्हें कनव को क्यों लगा 17.5 करोड़ का इंजेक्शन? AAP सांसदों की मदद के बाद मिलने पहुंचे सीएम केजरीवाल
दिल्ली से सीएम केजरीवाल ने नन्हें कनव के सफल इलाज के बाद इसमें सहयोग करने वाली संस्थाओं, व्यक्तियों और केंद्र सरकार का धन्यवाद दिया है।
दिल्ली नजफगढ़ में अपने माता-पिता के साथ रहने वाला 18 महीने के बच्चा कनव गंभीर बीमारी से पीड़ित था। परिवार अपने बच्चे के इलाज को लेकर चिंतित था। ऐसे में आदमी पार्टी से सांसदों मिलकर मदद की। बच्चे की हालत में सुधार होने पर परिवार से मिलने सीएम केजरीवाल भी पहुंचे।
दरअसल, 18 महीने के बच्चे कनव को एसएमए-1 यानी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप 1 बीमारी थी। परिजनों को बाद में जांच कराने पर इसका पता चला। ये एक ऐसी बीमारी है, जो दुनिया के 10,000 बच्चों में से किसी एक में पाई जाती है। ये बीमारी जितनी दुर्लभ है, इसका इलाज भी उतना ही मंहगा है।

नन्हे कनव को एक ऐसी मंहगे इंजेक्शन का डॉक्टरों ने सुझाव दिया जो भारत में उपलब्ध नहीं है। इसे यूएस ने मंगाया जाना था। इंजेक्शन की कीमत 17.5 करोड़ थी। इतना मंहगा इंजेक्शन लगवाना कनव के परिवार के बस की बात नहीं थी, ऐसे में उन्होंने सीएम केजरीवाल से मुलाकात की थी, जिसके बाद 'आप' सांसद सामने आए और कनव को इलाज के बाद नई जिंदगी मिली।
कनव जांगड़ा का हाल ही में इलाज हुआ है। इसके बाद कनव के परिजनों से मुलाकात के दौरान सीएम केजरीवला ने ये जानना चाहा कि ये बात कैसे पता चली कि उनके बच्चे को ये बीमारी है। जवाब में कनव के पिता ने कहा कि बच्चे के पैरों में मूवमेंट नहीं थी। ये समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही थी। बीमारी पेट तक पहुंच गई। हालांकि शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल था लेकिन बीमारी का पता तब चला जब सर गंगाराम अस्पताल में जांच कराई गई।
सीएम केजरीवाल ने कहा कि भारत में इस तरह के सिर्फ 9 केस मौजूद हैं। जबकि दिल्ली में यह पहला केस है। इसके इलाज के लिए कनव के माता पिता ने आप सांसद संजीव अरोड़ा से संपर्क किया था। जिसके बाद क्राउड फंडिग के जरिए करीब 10.5 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इंजेक्शन यूएस से मंगवाया गया था। सीएम ने कहा कि इंजेक्शन लगने के बाद कनव की स्थिति में सुधार है वो अब बैठ सकता है। उसके पैरों में काफी सुधार देखा जा रहा है। कनव के इलाज के लिए सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं को सीएम केजरीवाल ने धन्यवाद दिया है। इसके साथ ही सीएम ने केंद्र सरकार को भी धन्यवाद दिया क्योंकि सरकार ने इस इंजेक्शन से आयात शुल्क पूरी तरह हटा दिया था।
बता दें कि कनव के पिता अमित और उनकी मां गरिमा नजफगढ़ में रहते हैं। पिछले साल सितंबर के महीने में कनव जागंड़ा में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप 1 के लक्षण नजर आए थे। परिजनों ने पहले गंगाराम अस्पताल में मासूम कनव की जांच करवाई थी और फिर एम्स में भी उसकी जांच करवाई गई थी। दोनों ही जगहों पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
बीमारी को ठीक करने के लिए कनव को जो इंजेक्शन लगाया जाना था उसकी कीमत 17.5 करोड़ रुपये थी। कनव के परिजनों ने पैसों के लिए आम आदमी के अलावा आप नेता संजय सिंह, एक्टूर सोनू सूद समेत कई हस्तियों से गुहार लगाई थी। कनव के इलाज के लिए आप सांसद संजय सिंह ने भी लोगों से आर्थिक रुप से सहयोग की अपील की थी।












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