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दिल्ली दंगों को लेकर दिल्ली पुलिस की जांच की आलोचना करने वाले न्यायाधीश विनोद यादव का तबादला

फरवरी 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों के कुछ मामलों में दिल्ली पुलिस की 'असंवेदनशील और हास्यास्पद' जांच की आलोचना करने वाले निचली अदालत के न्यायाधीश का दिल्ली की एक अन्य अदालत में बुधवार को ट्रांसफर कर दिया गया

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर। फरवरी 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए दंगों के कुछ मामलों में दिल्ली पुलिस की 'असंवेदनशील और हास्यास्पद' जांच की आलोचना करने वाले निचली अदालत के न्यायाधीश का दिल्ली की एक अन्य अदालत में बुधवार को ट्रांसफर कर दिया गया। न्यायाधीश ने दिल्ली पुलिस की आलोचना करते हुए कहा था कि ठीक ढंग से जांच नहीं करने से 'लोकतंत्र के प्रहरी' को पीड़ा पहुंचेगी। उनकी जगह सीबीआई के विशेष जज वीरेन्द्र भट्ट अब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश का पद संभालेंगे।

Delhi Riots

विनोद यादव द्वारा इस मामले में बार-बार सख्ती दिखाने के बाद दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने 6 टीमों का गठन किया था, जिसमें संबंधित पूर्वोत्तर जिले जैसे खजूरी खास, गोकुलपुरी, करावल नगर और भजनपुरा आदि के पुलिस आयुक्त और थाना प्रभारी शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने दंगों के मामलों की निगरानी और लंबित पूरक चार्जशीट दाखिल करने के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया।

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बता दें कि फरवरी 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों मे 53 लोगों की मौत हो गयी थी।एएसजे विनोद यादव ने अपने ट्रांसफर से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस की आलोचना करते हुए कहा था कि पुलिस के गवाह शपथ लेकर झूठ बोल रहे हैं और विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह टिप्पणी दंगों के मामले में सुनवाई के दौरान की, जब एक पुलिसकर्मी ने तीन कथित दंगाइयों की पहचान की, लेकिन एक अन्य ने कहा कि जांच के दौरान उनकी पहचान नहीं की जा सकी। यादव ने कहा था कि यह बहुत खेदजनक स्थिति है और उन्होंने इस संबंध में पुलिस आयुक्त (उत्तर पूर्वी ) से रिपोर्ट मांगी थी। यादव ने दिल्ली पुलिस की जांच पर असहमति जताते हुए जुर्माना भी लगाया था, जिसे बाद में उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।

विनोद यादव ने दिल्ली पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि विभाजन के बाद दिल्ली में हुए सबसे भयावह सांप्रदायिक दंगों को इतिहास जब मुड़कर देखेगा, तो उचित जांच नहीं करने के कारण लोकतंत्र के प्रहरी को बहुत पीड़ा होगी। उन्होंने कहा था कि यह बहुत खेदजनक स्थिति है।

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