JNU Row: शिवाजी महाराज की मूर्ति के अपमान को लेकर लेफ्ट-ABVP में झड़प
जेएनयू में शिवाजी महाराज की मूर्ति के अपमान को लेकर लेफ्ट और एबीवीपी में भिड़ंत। एबीवीपी की ओर से कहा गया है कि कार्यक्रम के बाद लेफ्ट के छात्र यहां आए और उन्होंने शिवाजी की मूर्ति से माला को निकाला, फेंक दिया।

JNU Row: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का अपमान करने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया है कि लेफ्ट समर्थित छात्रों ने इस मूर्ति को शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर अपमानित किया गया है। वहीं जेएनयू छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि आईआईटी बॉम्बे के छात्र दर्शन सोलंकी की कथित आत्महत्या के बाद उनके लिए न्याय की मांग को लेकर मार्च किया गया, इसी दौरान एबीवीपी के एक्टिविस्ट ने कुछ छात्रों पर हमला किया। हालांकि एबीवीपी ने इस आरोप से इनकार किया है।
जेएनयू छात्र संघ ने सोलंकी के लिए न्याय की मांग कर रहा है। बता दें कि सोलंकी की उम्र महज 18 वर्ष थी और वह शेड्यूल कास्ट समुदाय का छात्र था, जिसने कथित तौर पर आईआईटी बॉम्बे के पवई स्थित हॉस्टल की बिल्डिंग के 7वें फ्लोर से कूदकर अपनी जान दे दी। सोलंकी ने 12 फरवरी को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। वहीं सोलंकी के परिवार वालों को शक है कि इसके पीछे कुछ गड़बड़ है, परिवार वालों ने जाति की वजह से दर्शल सोलंकी के साथ भेदभाव का शक जताया है।
जेएनयू छात्र संघ की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि एबीवीपी ने एक बार फिर से छात्रों पर हमला किया, दर्शल सोलंकी के पिता की अपील पर हमने कैंडल मार्च का आयोजन किया था, इस मार्च के तुरंत बात इन लोगों ने हमला कर दिया। एबीवीपी बार-बार ऐसा करता है, वह जाति के आधार पर होने वाले भेदभाद के खिलाफ हर आंदोलन को इसी तरह से दबाता है। एबीवीपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि लेफ्ट ग्रुप छत्रपति शिवाजी की तस्वीर से माला को निकाला और उसे फेंक दिया।
एबीवीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कार्यक्रम के तुरंत बात लेफ्ट के छात्र यहां आए और उन्होंने शिवाजी की मूर्ति से माला को निकाला और उसे फेंक दिया। एबीवीपी जेएनयू सचिव उमेश चंद्र अजमेरा ने कहा कि जो लोग इस घटना में शामिल हैं वो बाहर से आए हैं, ये लोग बिना अनुमति के कॉलेज में दाखिल हुए।












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