IPU Convocation में 26,649 डिग्रियां, CM रेखा गुप्ता का बड़ा संदेश, ‘युवा ही बनाएंगे विकसित भारत’
CM Rekha Gupta IPU Convocation: दिल्ली में आयोजित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के 18वें दीक्षांत समारोह में ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां उत्साह, उपलब्धि और भविष्य की उम्मीदें एक साथ नजर आईं। इस खास मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्रों को डिग्रियां और मेडल देकर सम्मानित किया।
26 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली डिग्री
इस समारोह में कुल 26,649 छात्रों को डिग्रियां दी गईं। इनमें 22,932 अंडरग्रेजुएट, 3,582 पोस्टग्रेजुएट, 11 एमफिल और 124 पीएचडी डिग्रियां शामिल रहीं। खास बात यह रही कि पीएचडी पाने वालों में 70 प्रतिशत महिलाएं रहीं, जो उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत है। इसके अलावा 76 गोल्ड मेडल और 6 मेमोरियल अवॉर्ड भी दिए गए।

'युवा ही हैं विकसित भारत की असली ताकत'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है। उन्होंने कहा कि "आपकी मेहनत और काबिलियत ही भारत को दुनिया में नई पहचान दिलाएगी।" उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि समाज और देश के विकास के लिए करें।
शिक्षा में तेजी से बदलाव, बजट में बड़ा इजाफा
मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था तेजी से बदल रही है। इस साल शिक्षा बजट बढ़ाकर 19,326 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे स्कूलों और कॉलेजों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम और नई तकनीक तक पहुंच आसान हुई है।
AI और स्टार्टअप्स पर खास फोकस
रेखा गुप्ता ने विश्वविद्यालय के काम की सराहना करते हुए कहा कि यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और डिजाइन इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में शानदार काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि अटल इनक्यूबेशन सेंटर के जरिए 170 से ज्यादा स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया गया है, जिससे युवा नौकरी ढूंढने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं।
LG संधू का संदेश-किताबों से आगे सोचें
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्रों को सलाह दी कि वे सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि बदलती दुनिया के हिसाब से खुद को तैयार करें। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनोवेशन से तेजी से बदल रही है, ऐसे में युवाओं को क्रिटिकल थिंकिंग और नए आइडिया के साथ आगे बढ़ना होगा।
शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री नहीं, जिम्मेदारी भी
संधू ने गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम भी होना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है और युवा बड़े बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम में कुलपति डॉ. महेश वर्मा और योगेश सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्कूलों को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा को भी विश्वस्तरीय बनाना है।
कुल मिलाकर यह दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्रियों का वितरण नहीं था, बल्कि एक नई शुरुआत का संदेश था, जहां युवा 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में पहला कदम रख रहे हैं।












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