दिवाली पर दिल्ली में आग का तांडव, पिछले 2 दिनों में आई 700 कॉल, एक महिला समेत दो बच्चे झुलसे
Delhi Fire News: राजधानी दिल्ली में दिवाली के त्यौहार के दौरान आग लगने की घटनाओं में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले दो दिनों में 700 से ज्यादा कॉल दर्ज की गई। आग लगने की इन घटनाओं में एक महिला समेत दो बच्चों के झुलसने की खबर है। हालांकि, कहीं भी कोई मौत नहीं हुई है।
दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक अतुल गर्ग ने शनिवार 02 नवंबर को न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया, 'कल कुछ लोगों ने दिवाली भी मनाई थी। दोनों दिन (गुरुवार-शुक्रवार) रिकॉर्ड टूट गया है। 31 अक्टूबर को हमें करीब 320 आग लगने की कॉल मिलीं और 1 नवंबर को हमें करीब 400 कॉल मिलीं। यह बहुत बड़ी संख्या है।'

उन्होंने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस ने 24 घंटे के भीतर इतनी कॉल कभी अटेंड नहीं की। कूड़े में आग लगने की करीब 100 सूचनाएं मिलीं। आज के आंकड़ों के मुताबिक, कहीं भी कोई मौत नहीं हुई है। अतुल गर्ग ने बताया कि केवल एक कॉल सीधे पटाखों से जुड़ी थी।
अतुल गर्ग ने आगे बताया कि पिछले साल पटाखों के कारण लगभग 130 कॉल आए थे, लेकिन इस साल ऐसी घटनाएं कम हुईं। उन्होंने अन्य आग लगने की वजहों के लिए मोमबत्तियां, दीये और बिजली के शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लोगों से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण पटाखों का उपयोग न करने का आग्रह किया।
शुक्रवार सुबह एक अलग घटना में मंगोलपुरी में तीन मंजिलों पर फैले टेंट गोदाम में आग लग गई। दूसरी मंजिल पर रहने वाली एक महिला और दो बच्चे झुलस गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया था। वहीं, नांगलोई के पास राजधानी पार्क में एक कार्डबोर्ड फैक्ट्री में आग लगने की एक और घटना हुई।
इसके अलावा, शाहदरा के पास कांति नगर में एक बैंक्वेट हॉल पंडाल में आग लग गई। इन घटनाओं ने अग्निशमन सेवाओं के लिए पहले से ही आवश्यक आपातकालीन प्रतिक्रियाओं की संख्या को और बढ़ा दिया। नजफगढ़ में एक डीटीसी बस में भी आग लग गई, जब उसमें सवार यात्री पोटाश ले जा रहा था, जिससे विस्फोट हो गया। पोटाश का इस्तेमाल आमतौर पर पटाखे बनाने में किया जाता है। इस घटना में दो लोग घायल हो गए थे।












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