दिल्ली में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज: रोज विदेश से आते थे ढाई लाख कॉल, सरकार को 103 करोड़ का चूना लगाया
नई दिल्ली। देश की राजधानी में दिल्ली पुलिस ने अवैध इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया है।इस टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए रोजाना विदेश से ढाई लाख कॉल आती थीं। पुलिस ने बताया कि, उनके सर्वर का हैंडलर गल्फ कंट्री में बैठा था और वहीं से ये ऑपरेट किया जा रहा था। इस अवैध टेलीफोन एक्सचेंज से भारत को तकरीबन 103 करोड़ रुपए का चूना लगाया गया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ़्तार किया गया है।

आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश
डीसीपी सेंट्रल श्वेता चौहान ने कहा कि, देश पर ये सिक्योरिटी-टेररिस्ट थ्रेट हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसका पर्दाफाश होने से अब दिल्ली पुलिस के सामने कई सारे सवाल आ गए हैं, जैसे कि क्या इन कॉल के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही थी? कहीं ये कॉल स्मगलिंग, हवाला और देश के खिलाफ गतिविधियों के लिए तो नहीं की जा रही थी? इनसे सरकार को कितना नुकसान हुआ होगा? आदि सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की जा रही हैं।

अवैध इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज पर छापा
गौरतलब है कि, दिल्ली पुलिस ने इससे पहले फरवरी 2021 में भी दिल्ली के हौजकाजी इलाके में चल रहे अवैध इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज पर छापा मारा था। तब भी एक शख्स गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में खुलासा हुआ था कि, अवैध इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज उक्त शख्स के फ्लैट से चल रहा था, हालांकि उसका टेक्निकल हेड जो दिल्ली में मास्टरमाइंड है, वो पकड़ से बाहर था। क्योंकि उस तक पहुंचने के लिए लीड नहीं मिल पा रही थी। बाद में साइबर सेल ने 2 सर्वर खोजे। तब से चली आ रही जांच-पड़ताल में 5 आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। साइबर सेल ने दिल्ली में 29 सितंबर को इस रैकेट के मास्टरमाइंड समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया था और 5वां अब पकड़ लिया गया है।

सरकार को डेढ़ करोड़ रुपये की चपत
दिल्ली पुलिस का कहना है कि, दिल्ली से चल रहे अवैध इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए पाकिस्तान समेत कई देशों से रोजाना लाखों कॉल आते थे। पाकिस्तान समेत कई देशों से आने वाली ये कॉल हर रोज भारत सरकार को डेढ़ करोड़ रुपये की चपत लगा रही थीं। सिक्योरटी एजेंसी के मुताबिक, जहां रेड पड़ी है..वहां इंटरनेट कनेक्शन, रेकैट के मास्टरमाइंड मोहम्मद इरफान (जो टेक्निकल हेड है), जुल्फिकार, अरीब और इरफान अली के नाम पर था।
क्या है इंटरनेशनल टेलीफोन एक्सचेंज?
साइबर एक्सपर्ट् के मुताबिक, जब कोई शख्स भारत की एजेंसियों से बचकर भारत की टेलीकॉम गेटवे को बाइपास कर कॉल करना चाहता है तो वो विदेश वाले सर्वर से अपनी कॉल VOIP के जरिए करता है। वो भारत के अवैध सर्वर से कनेक्ट होकर, जिससे बात करना चाहता है उस आदमी के लैंडलाइन या फिर मोबाइल फोन से कनेक्ट होकर बात करता है। इससे ये पता नहीं लगाया जा सकता कि, कॉल कहां से और किसने की हैं।












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