तो एक ड्राइवर के इशारे ने बचा ली दिल्ली की सरकार और केजरीवाल की कुर्सी!
आप नेताओं का दावा है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि किस तरह से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अंदरूनी लड़ाई को सहारा दिया था।
नई दिल्ली। अगर ये ड्राइवर ना होता तो संभवतः अरविंद केजरीवाल अब तक दिल्ली के 'पूर्व मुख्यमंत्री' हो चुके होते। आम आदमी पार्टी में फूट डालने और केजरीवाल को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने के लिए बहुत बड़ी चाल चली जा रही थी। यह चाल कामयाब हो इसके लिए कई लोग एक साथ थे। उनमें से एक थे कपिल मिश्रा।
संभवतः यह चाल इसलिए असफल हो गई क्योंकि आप नेता ये सब सार्वजनिक रूप से कर रहे थे। निलंबन,विद्रोह, विभाजन, शांति वार्ता और उसके नेताओं को बाहर निकालने के चलते ही केजरीवाल के खिलाफ यह चाल नाकामयाब हो गई।
आप नेताओं का दावा है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि किस तरह से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अंदरूनी लड़ाई को सहारा दिया था और इसमें उन्होंने कपिल और कुमार विश्वास सरीखे आप नेताओं का सहारा लिया था।

कुमार और कपिल की कोशिश
स्वतंत्र पत्रकार शरद गुप्ता ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि केजरीवाल और कुमार विश्वास के बीच जो संधि हुई है वो थोड़े ही दिन के लिए हुई है लेकिन अगर यह ना हुआ होता तो अब दिल्ली में आप की सरकार गिर गई होती। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुमार विश्वास और कपिल मिश्रा की ओर से पूरी कोशिश की गई केजरीवाल को हटाकर आप का राष्ट्रीय संयोजक और कपिल मिश्रा को मुख्यमंत्री बनाया जाए।
शरद गुप्ता का दावा है कि कुमार विश्वास ने ही केजरीवाल सरकार को गिराने की पूरी कार्ययोजना कुमार विश्वास ने बनाई थी। इसके लिए पहला चरण था कि पार्टी के भीतर केजरीवाल के लिए अविश्वास पैदा किया जाए। सरकार गिराने, पार्टी में केजरीवाल के प्रति अविश्वास पैदा करने और पदों की यह लड़ाई बीते 3 महीने से प्रक्रिया में थी।

कपिल मिश्रा ने रोक दिया पानी
इसके बाद विश्वास ने सोशल मीडिया पोस्ट्स, मीडिया साक्षात्कारों के माध्यम से 'नेतृत्व विफलता' के विचार को आगे बढ़ाया इसके साथ ही कई बार यह भी कहा कि जिन आदर्शों पर आप का गठन हुआ था उन्हें केजरीवाल सरकार त्याग दिया।
इतना ही नहीं पत्रकार ने रिपोर्ट में यह दावा भी किया है कि दिल्ली नगर निगम चुनाव में आप की हार हो इसके लिए तमाम इलाकों के पानी रोक दिए गए। कुमार विश्वास से कहा गया था कि वो पार्टी का चुनाव MCD चुनावों के दौरान करें लेकिन वो कभी नहीं आए। पार्टी नेताओं का मानना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पार्टी की हार सुनिश्चित किया जा सके।

MCD चुनाव के बाद...
दिल्ली के एमसीडी चुनावों में हार के बाद, कुमार विश्वास के समर्थन में आने वाले विधायकों ने नुकसान के लिए नेतृत्व को दोषी ठहराते हुए सार्वजनिक बयान शुरू देना शुरू कर दिया। मिश्रा सहित कई लोगों ने नुकसान के लिए ईवीएम पर आरोप केजरीवाल की बात से । इस बीच, विधायक अमानतउल्ला खान ने विश्वास पर आरोप लगाते हुए आरएसएस का एजेंट कहा।

तब हुई केजरीवाल को खबर
इन सब के बीच एक ड्राइवर ने केजरीवाल की मदद की। स्वतंत्र पत्रकार गुप्ता का दावा है कि केजरीवाल को इस बात की जानकारी उस वक्त हुई कपिल मिश्रा के ड्राइवर ने स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर से यह बात साझा की। इसके बाद केजरीवाल को सरकार गिराने की खबर की जानकारी हुई।

फिर मनीषष के घर बुलाए गए कपिल
इसके बाद मनीष सिसोदिया के घर कपिल को बताया कि गया कि जल्द ही उन्हें कैबिनेट से निकाल दिया जाएगा। उसके बाद जल्द से जल्द केजरीवाल को इस बात का एहसास हुआ कि वो अपनी ही पार्टी के लोग उन्हें बाहर फेंकने पर लगे हुए हैं। पत्रकार का दावा है कि केजरीवाल ने इसके बाद विधायकों से निजी तौर पर और समूह में बातचीत की और उनका विश्वास हासिल किया।
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