Delhi Bomb Threats:'फर्जी बम धमकियों से निपटने के लिए प्रोटोकॉल और SOP बनाने की जरूरत', केंद्र ने की समीक्षा
केंद्र ने फर्जी बम धमकियों से निपटने के लिए विस्तृत एसओपी और ईमेल की निगरानी की मांग की है। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ऐसी स्थितियों के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गृह सचिव ने पिछले सप्ताह दिल्ली के कुछ स्कूलों को मिले फर्जी ईमेल के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा की। गृह सचिव ने स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरे और ईमेल की नियमित निगरानी की जरूरत पर भी जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त मौजूद रहे। गृह सचिव ने दिल्ली पुलिस और स्कूलों से एक प्रभावी प्रतिक्रिया तंत्र के लिए घनिष्ठ समन्वय रखने को कहा, ताकि गलत सूचना से कोई अनावश्यक घबराहट पैदा न हो।

दिल्ली के स्कूलों में बम की अफवाह
इस सप्ताह की शुरुआत में, दिल्ली-एनसीआर के 200 से अधिक स्कूलों को बम धमकी वाले ई-मेल मिले। इसके बाद बड़े पैमाने पर जांच शुरू हुई। जगह-जगह तलाशी ली गई। घबराए हुए माता-पिता अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल दौड़ पड़े।
पीसीआर वाहनों को स्कूलों में भेजा गया, और जिला पुलिस, बीडीएस, एमएसी, स्पेशल सेल और अपराध नियंत्रण कक्ष, डीडीएमए, एनडीआरएफ, फायर सीएटीएस और कई अन्य एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया। हालांकि, अधिकारियों द्वारा तलाशी के दौरान कुछ भी नहीं मिला।
वीपीएन के जरिए भेजे गए थे ईमेल
पुलिस ने कहा कि ईमेल एक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का उपयोग करके भेजे गए थे, जो विदेशी सर्वर के माध्यम से डेटा को रूट और रीरूट करता था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में यूजर ने ई-मेल भेजने के लिए रूसी कंपनी की मेलिंग सर्विस का इस्तेमाल किया था। सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद शहर के कम से कम 16 स्कूलों को भी बम की धमकी वाले ईमेल मिले। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ईमेल संभवतः रूस से आए थे, जो दिल्ली के मामलों में देखे गए पैटर्न को दर्शाता है।












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