गौतम गंभीर और हंस राज हंस की सीटों पर कौन होगा BJP का कैंडिडेट? इन वजहों से पार्टी ने नहीं किया नाम का खुलासा
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी कर दी। भाजपा की तरफ से लोकसभा चुनाव के लिए 195 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया गया। पहली लिस्ट में दिल्ली की सात में से पांच सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम हैं।
दिल्ली की दो सीटों पर बीजेपी का प्रत्याशी कौन होगा इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है। जिन दो सीटों के लिए बीजेपी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान अभी बाकी है, उनमें क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर की सीट ईस्ट दिल्ली और गायक हंसराज हंस की सीट नॉर्थ वेस्ट दिल्ली शामिल हैं।

गंभीर का चुनाव लड़ने से इनकार
गौतम गंभीर ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी होने से पहले ही चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा सार्वजनिक रूप से जाहिर कर दी थी। गंभीर ने एक्स पर लिखा- मैंने माननीय पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से अनुरोध किया है कि वो मुझे राजनीतिक दायित्वों से मुक्त करें जिससे मैं अपनी क्रिकेट प्रतिबद्धताओं पर ध्यान केंद्रित कर सकूं। उन्होंने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए जनसेवा का अवसर देने के लिए धन्यवाद भी कहा।
2 सीटों पर नहीं उतारे प्रत्याशी
गौतम गंभीर के इस ऐलान को टिकट कटने की चर्चा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। वहीं दूसरे प्रत्याशी हंसराज हंस का भी टिकट काटे जाने की चर्चा है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि बीजेपी ने इन सीटों पर प्रत्याशी का ऐलान क्यों नहीं किया है?
इन 2 नामों की चर्चा
ईस्ट दिल्ली सीट जहां से गंभीर सांसद हैं, वहां पर टिकट की रेस में दो नामों की खूब चर्चा हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली बीजेपी के महामंत्री हर्ष मल्होत्रा के नाम टिकट की रेस में आगे बताए जा रहे हैं।
केजरीवाल ने खेला दांव
अब बीजेपी की उलझन का एक कारण आम आदमी पार्टी का दलित दांव भी बताया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने इस सीट से विधायक कुलदीप कुमार को उम्मीदवार बनाया है। कुलदीप कुमार एक सफाई कर्मचारी के बेटे हैं और दलित बिरादरी से आते हैं।
लोकसभा चुनाव में एक जनरल कैटेगरी की सीट से एक दलित को टिकट देने को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अपने इस कदम को अरविंद केजरीवाल खूब भुना भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई भी पार्टी एससी समाज के व्यक्ति को जनरल कैटेगरी की सीट से चुनाव नहीं लड़ाती है। उन्हें केवल रिजर्व कैटेगरी की सीट से ही लड़ाया जाता है।
वाल्मिकी समाज की अच्छी पैठ
अरविंद केजरीवाल का दावा है कि आम आदमी पार्टी जात-पात में विश्वास नहीं रखती है। अगर कोई काबिल है, तो उसे किसी भी सीट से मौका दिया जा सकता है। जाहिर है कि बीजेपी को इसकी काट खोजना आसान नहीं लग रहा है क्योंकि ईस्ट दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में कुल करीब चार लाख के करीब वाल्मीकि समाज की आबादी है।
रिजर्व सीट है नॉर्थ वेस्ट दिल्ली
बीजेपी ने जिस दूसरी सीट नॉर्थ वेस्ट दिल्ली सीट को लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं, वह एससी रिजर्व सीट है। इस सीट से फिलहाल हंसराज हंस सांसद हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार हंसराज हंस का टिकट कटने जा रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस जगह पर योगेंद्र चंदौलिया को टिकट मिल सकता है।
कांग्रेस से इनका दावा मजबूत
इसके अलावा ऐसा भी कहा जा रहा है कि नॉर्थ वेस्ट दिल्ली सीट से बीजेपी अपने उम्मीदवार का ऐलान करने से पहले कांग्रेस उम्मीदवारों की लिस्ट का इंतजार कर रही है। इस सीट पर कांग्रेस की ओर से दो पूर्व सांसद उदित राज और कृष्णा तीरथ टिकट के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
नॉर्थ वेस्ट दिल्ली सीट का पिछला अतीत देखें तो हर चुनाव में नया चेहरा संसद पहुंचा है। यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। साल 2009 में यहां पहली बार चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस की कृष्णा तीरथ को जीत मिली। इसके बाद 2014 में बीजेपी के टिकट पर उदित राज जीतकर संसद पहुंचे।
क्या कटेगा हंस राज हंस का टिकट?
इसके बाद बीजेपी ने 2019 के चुनाव में हंसराज हंस पर दांव लगाया और वह भी चुनाव जीत गए। माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार हंस की जगह किसी नए चेहरे को मैदान में उतारने का मन बना चुकी है। बीजेपी की रणनीति कई बार लोगों को चौंकाने की रही है। ऐसे में यहां से इस बार नया चेहरा कौन होगा? इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है।












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