अब पूर्व CM केजरीवाल..., कुर्सी छोड़ने के बाद सैलरी, भत्ते, सुविधाओं में कैसी कटौती? जानिए
Arvind Kejriwal resignation: दिल्ली के सीएम कुर्सी अब अरविंद केजरीवाल की जगह आतिशी मार्लेना संभालेंगी। केजरीवाल के इस्तीफे के बाद से ही ये बात कंफर्म हो गई थी। मंगलवार को आम आदमी पार्टी की विधायक दल की बैठक में आतिशी को अगला मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया गया, इसके ठीक बाद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा राज्यपाल को सौंपा। दूसरी ओर आतिशी ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस्तीफा स्वीकार होने के साथ अब केजरीवाल पूर्व सीएम हो गए हैं।

अब केजरीवाल को मिलेगी कितनी सैलरी-भत्ता?
दिल्ली के विधायकों की महीनेभर की बेसिक सैलरी 30 हजार रुपये है। पहले ये 12 हजार थी. जबकि, मंत्रियों और मुख्यमंत्री की बेसिक सैलरी अब 60 हजार रुपये है, जो पहले 30 हजार रुपये थी। दिल्ली में पिछले साल ही विधायकों, मंत्रियों-मुख्यमंत्री की सैलरी-भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। सैलरी और भत्तों में ये बढ़ोतरी 12 साल बाद हुई थी। विधायकों की सैलरी 66% और मंत्रियों-मुख्यमंत्री की सैलरी 136% तक बढ़ाई गई थी।
मंत्रियों, मुख्यमंत्री को हर महीने बेसिक सैलरी के रूप में 60 हजार, निर्वाचन भत्ता 30 हजार, सचिवालय भत्ता 25 हजार, सम्प्चुअरी अलाउंस (गेस्ट के खर्च के लिए अलग से भत्ता) 10 हजार रुपये मिलेगा। वहीं हर दिन 1,500 रुपये का डेली अलाउंस भी दिया जाता है।
वहीं हर महीने सैलरी और भत्ते मिलाकर मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और नेता प्रतिपक्ष को 72 हजार रुपये की बजाय 1.70 लाख रुपये मिलते हैं।
दिल्ली में मंत्रियों, विधायकों को कितना भत्ता?
दरअसल, दिल्ली के सीएम, विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन और भत्ते में बढ़ोतरी हुई थी। 12 साल बाद ये बढ़ोतरी हुई। विधायकों के वेतन में 66% और मंत्रियों और मुख्यमंत्री के वेतन में 136% की बढ़ गई। विधायकों का मूल वेतन 30 हजार रुपये प्रति महीने हो गया। इससे पहले ये 12 हजार रुपये प्रतिमाह था। जबकि मंत्रियों और मुख्यमंत्री का मूल वेतन अब 60 हजार रुपये है। इससे पहले इन पदों के लिए मूल वेतन 30 हजार रुपए था। भत्ता मिलाकर केजरीवाल और दिल्ली सरकार के मंत्रियों को 1 लाख 70 हजार रुपए मिलते हैं।
केजरीवाल को कितनी मिलेगी सैलरी?
केजरीवाल को अब 1.70 लाख रुपये की जगह हर महीने सिर्फ 90,000 रुपये ही मिलेंगे। उन्हें दैनिक भत्ता भी नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उनका मासिक वेतन और भत्ते लगभग 50 प्रतिशत कम हो जाएगा।
Source: DW












Click it and Unblock the Notifications