Faridabad Terror Module: अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने तोड़ी चुप्पी! वीसी का बयान सुन चौंक जाएंगे आप
Faridabad Terror Module: दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट और फरीदाबाद में बरामद भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के बाद सियासी और सुरक्षात्मक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। इसी बीच, जांच के घेरे में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा बयान जारी किया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खुद को किसी भी आतंकी नेटवर्क या विस्फोटक सामग्री से जुड़ी गतिविधि से पूरी तरह अलग बताया। वीसी प्रोफेसर भुपिंदर कौर आनंद ने इसे "दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम" बताते हुए जांच एजेंसियों से पूरा सहयोग करने की बात कही। बता दें कि पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार फरीदाबाद कनेक्शन की परतें खोलने में जुटी हैं।

वीसी का बयान "हम व्यथित हैं, लेकिन निर्दोष"
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर डॉ. भुपिंदर कौर आनंद ने एक बयान जारी करते हुए कहा-"हम उन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बेहद व्यथित हैं, जिनका ज़िक्र मीडिया में किया जा रहा है। हमारी जानकारी में आया है कि हमारे दो डॉक्टरों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे।"
वीसी ने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी का किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। यूनिवर्सिटी के प्रयोगशालाओं (labs) का उपयोग केवल और केवल MBBS छात्रों और अधिकृत कोर्सों की शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जाता है। यहां किसी भी तरह का विस्फोटक या केमिकल पदार्थ न तो रखा गया है और न ही इस्तेमाल होता है।
पुलिस का बयान: "कार अल-फलाह यूनिवर्सिटी में नहीं थी"
इसी बीच, फरीदाबाद पुलिस ने भी एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि लाल किला ब्लास्ट में शामिल हुंडई i20 कार 10-11 दिनों तक अल-फलाह यूनिवर्सिटी में खड़ी थी। फरीदाबाद पुलिस ने एक्स पर एक बयान में लिखा "कुछ मीडिया चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स यह दावा कर रहे हैं कि संदिग्ध i20 कार यूनिवर्सिटी परिसर में 10-11 दिनों तक खड़ी थी। यह जानकारी गलत है। पुलिस इस खबर की पुष्टि नहीं करती और इसे पूरी तरह से खारिज करती है।
जांच जारी, यूनिवर्सिटी से पूछताछ की संभावना
हालांकि जांच एजेंसियां अब भी इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि फरीदाबाद के मेडिकल नेटवर्क और दिल्ली ब्लास्ट के बीच क्या कनेक्शन है। सूत्रों के मुताबिक, अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत रहे दो डॉक्टर-डॉ. मुझम्मिल शकील और डॉ. उमर उन-नबी-की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मीडिया से अपील की है कि बिना पुष्टि के किसी भी अफवाह या गलत जानकारी को साझा न किया जाए।बयान में कहा गया है कि, हम कानून का सम्मान करते हैं और जांच एजेंसियों के हर कदम पर सहयोग करेंगे। लेकिन, यूनिवर्सिटी को किसी भी प्रकार से इस मामले से जोड़ना अनुचित है।












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