उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा: पूर्व MCD पार्षद Tahir Hussain और 10 के खिलाफ आरोप तय
Tahir Hussain और दस अन्य के खिलाफ उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाके में हुई हिंसा से जुड़े मामले में आरोप तय किए गए। ताहिर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व पार्षद हैं।

Tahir Hussain के खिलाफ उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाके में हुई हिंसा से जुड़े मामले में आरोप तय किए गए। दिल्ली की निचली अदालत ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और 10 अन्य के खिलाफ साजिश, दंगा, हत्या और समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि ताहिर भीड़ को उकसा रहा था और यह सब घटना के दौरान हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए किया गया था।इससे पहले फरवरी, 2023 में ताहिर हुसैन राहत की अपील करते हुए सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी थी। देश की सबसे बड़ी अदालत ने 2020 के पूर्वोत्तर दिल्ली हिंसा मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोपी ताहिर हुसैन के खिलाफ आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

हिंसा में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई
बता दें कि एमसीडी के पूर्व पार्षद हुसैन पर करीब तीन साल पहले हुई हिंसा के मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में वित्तपोषण के आरोपी ताहिर हुसैन ने दोषी नहीं होने की दलील दी के साथ ट्रायल कराने का दावा किया है। इस हिंसक घटना में 50 से अधिक लोग मारे गए थे। 200 से अधिक लोग घायल भी हुए थे।
ताहिर की कंपनी के अकाउंट से फर्जी लेनदेन
गौरतलब है कि ताहिर हुसैन के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिया था। ट्रायल कोर्ट ने ताहिर हुसैन के खिलाफ आरोप तय करने पर एक आदेश पारित किया था। निचली अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि ताहिर हुसैन ने हिंसा की फंडिंग के लिए कुछ कंपनियों के खातों से धोखाधड़ी कर पैसे निकालने की साजिश रची थी। फर्जी लेनदेन उन कंपनियों के खातों से होना था, जिसका स्वामित्व और नियंत्रण ताहिर के पास है।
मेडिकल आधार पर कस्टडी पैरोल की मांग
ताहिर फिलहाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ केंद्रीय जेल के अधिकारियों ने एक रिपोर्ट दायर की थी। इसमें कहा गया था कि दिल्ली नगर निगम (MCD) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को मोतियाबिंद के ऑपरेशन की जरूरत है। बता दें कि ताहिर हुसैन एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए मेडिकल आधार पर कस्टडी पैरोल मांग चुका है। ताहिर हुसैन की अर्जी पर कोर्ट ने 7 जनवरी को जेल अधिकारियों से मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी।
ताहिर और उनके भाई समेत कई लोगों पर आरोप
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर, 2022 को उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगों के मामलों की सुनवाई करने वाली एक अन्य अदालत ने पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन और उनके भाई शाह आलम सहित छह आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। कोर्ट के समाने कहा गया कि भीड़ ने "हिंदुओं को मारने और उन्हें नुकसान पहुंचाने" की साजिश रची। इसी के हिस्से के रूप में, अजय झा नाम के व्यक्ति को गोली लगी थी।
जज की टिप्पणी में हिंदुओं को निशाना बनाने की बात
न्यायाधीश ने कहा था, इस मामले के तथ्य और सबूत बताते हैं कि ताहिर हुसैन के घर पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। कुछ लोगों के पास फायरिंग वाले हथियार थे। निचली अदालत के जज के अनुसार ताहिर हुसैन के घर में जरूरी सामान जमा कर पेट्रोल बम का भी इंतजाम किया गया था। ये सब चीजें हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए की गईं।"












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