ED Raid: AAP नेता अमानतुल्लाह खान कौन हैं? घर पर ईडी ने मारा छापा, विवादों से गहरा नाता
AAP MLA Amanatullah Khan Net Worth: दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान के आवास पर सोमवार (2 सितंबर) की सुबह करीब साढ़े 6 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दरवाजा खटखटाया। दरअसल, ईडी वक्फ बोर्ड मामले की जांच के सिलसिले में सर्च ऑपरेशन करने पहुंची।
ईडी की टीम को खान ने आवास में एंट्री नहीं दी। खान पार्टी के एक प्रमुख चेहरे के रूप में जाने जाते हैं, खासकर मुस्लिम समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ है। खान की राजनीतिक गतिविधियों और उनके ऊपर लगे आरोपों के चलते वह अक्सर खबरों में बने रहते हैं, और अब ED के छापे ने उन्हें एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। आइए जानते हैं अमानतुल्लाह खान के बारे में सबकुछ....

अमानतुल्लाह खान का जन्म मेरठ जिले के अगवानपुर गांव में वलीउल्लाह खान के घर हुआ था। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में पढ़ाई की, लेकिन अपनी डिग्री पूरी नहीं की। वे बारहवीं कक्षा तक शिक्षित हैं, जिसे उन्होंने 1992-93 में पास किया। उनकी शादी शफिया खान से हुई है और उनका एक बेटा और एक बेटी है।
राजनीतिक सफर
- खान ने 2008 के दिल्ली विधानसभा चुनाव और 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में लोक जन शक्ति पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था , लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2013 में उन्हें 3600 वोट मिले थे और वे छठे स्थान पर रहे थे।
- 2015 में अमानतुल्लाह खान आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े। दिल्ली विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा और जीतकर दिल्ली की छठी विधानसभा के सदस्य बने। खान ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के ब्रह्म सिंह को 60,000 से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
- 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में खान ने आप के टिकट पर बीजेपी के ब्रह्म सिंह को 71,664 मतों के अंतर से हराया। 2020 से, खान 7वीं दिल्ली विधानसभा के निर्वाचित सदस्य हैं। दिल्ली की सातवीं विधानसभा में विधायक के रूप में उनका कार्यकाल उनका दूसरा कार्यकाल है।
विवादों से गहरा नाता
अमानतुल्लाह खान का राजनीतिक करियर विवादों से भरा रहा है और उन पर कई बार आरोप लगे हैं, जिनमें भ्रष्टाचार और दंगा भड़काने के मामले शामिल हैं। अमानतुल्लाह खान पहले भी दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए विवादों में रहे हैं, जहां उन पर फंड के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। उनकी गिरफ्तारी और जांच को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी होते रहे हैं, जहां उनकी पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखती है। आइए एक नजर डालें...
- पहली गिरफ्तारी (2016) - महिला उत्पीड़न का मामला: जुलाई 2016 में, अमानतुल्लाह खान को उनकी भाभी द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। उन पर यौन उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगा था। हालांकि, इस मामले में उन्हें जल्द ही जमानत मिल गई और उन्होंने आरोपों को निराधार बताया। मार्च 2022 में पुलिस ने उन्हें हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया।
- दूसरी गिरफ्तारी (2022)- अतिक्रमण विरोधी अभियान- मई में, दिल्ली में बीजेपी के नेतृत्व वाली नगर निकाय ने एक अभियान चलाया था, जिसमें बुलडोजर से संरचनाओं को नष्ट किया गया था। खान ने विध्वंस अभियान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और इसके लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अगले दिन उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
- तीसरी गिरफ्तारी (2022)- भ्रष्टाचार मामले में- 16 सितंबर 2022 को उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में फिर से गिरफ्तार किया गया। 26 सितंबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और 28 सितंबर 2022 को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
- चौथी गिरफ्तारी (2024) - वक्फ बोर्ड मामले में गिरफ्तारी: 2018 और 2022 के बीच अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड के भीतर वित्तीय अनियमितताओं और कर्मचारियों की कथित अवैध भर्ती के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा 18 अप्रैल को 2024 में गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उनके घर और अन्य स्थानों पर छापे भी मारे गए थे।
कितने अमीर और कितने क्रिमिनल केस दर्ज?
एडीआर के मुताबिक, खान पर कुल आपराधिक मामलों की संख्या 12 है। जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना , गैर इरादतन हत्या के प्रयास, महिला की गरिमा को ठेस, धमकी जैसे कई आरोप लगे हैं। वहीं, खान के पास करीब 3 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। जिसमें चल संपत्ति करीब 20 लाख और अचल संपत्ति 3 करोड़ से ज्यादा है। देनदारियां शून्य है।












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