Diwali Burn Injuries : दिल्ली के इन अस्पतालों में एक्सट्रा बेड के इंतजाम, पटाखे जलाने में रहें सतर्क
Diwali burn injuries का कारण भी बनती है। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी के अस्पतालों में Additional beds का बंदोबस्त किया गया है। diwali burn injuries delhi hospitals Additional beds on standby
Diwali Burn Injuries के कारण कोई बड़ा नुकसान न हो, इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली के अस्पतालों में एक्सट्रा बिस्तरों का बंदोबस्त किया गया है। दरअसल, पटाखों के कारण बर्न इंजरी के मामले भी बड़ी संख्या में आते हैं, ऐसे में दिल्ली के अस्पतालों ने एक्सट्रा बेड को स्टैंडबाई पर रखने का ऐलान किया है।

Firecrackers जानलेवा न बनें
दरअसल, दिल्ली में पटाखों पर बैन के बावजूद बेधड़क आतिशबाजी का दौर देखा जाता है। जोश के साथ जलाए जाने वाले पटाखे उस समय जानलेवा बन जाते हैं जब Firecrackers के साथ खिलवाड़ किया जाए या जरा सी लापरवाही के कारण पटाखों से कहीं आग लग जाए।
इमरजेंसी से कैसे निपटेंगे अस्पताल
किसी भी अप्रिय घटना से निपटने की तैयारियों के मद्देनजर दिल्ली भर के अस्पतालों ने सोमवार को दिवाली के अवसर पर बिस्तर आरक्षित कर दिए हैं। डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है और पटाखे और दीयों (मिट्टी के दीये) के कारण जलने की घटनाओं से होने वाले नुकसान को नियंत्रित रखने के लिए Additional beds on standby का फैसला लिया है।
एडमिशन प्रोसीजर के लिए अलग काउंटर
लोक नायक, सफदरजंग और जीटीबी जैसे प्रमुख अस्पतालों में Diwali Burn Injuries के लिए बिस्तरों को चिह्नित किया गया है। कर्मचारियों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। जले हुए लोगों को अस्पताल में एडिमट करने की औपचारिकता पूरी करने के लिए अलग काउंटर भी बनाए गए हैं।
जले हुए रोगियों के लिए अलग वार्ड
Diwali Burn Injuries से जुड़ी तैयारियों के बारे में इंडियनएक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ सुभाष गिरी ने कहा कि छह बेड जले हुए मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास जले हुए रोगियों के लिए एक अलग वार्ड है, लेकिन अभी के लिए छह बेड निर्धारित किए गए हैं और जरूरत पड़ने पर और आवंटित किए जाएंगे।' डॉ सुभाष ने कहा कि वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर और सलाहकार नियमित टीम के अलावा स्टैंडबाय पर हैं जो दिवाली की रात तक उपलब्ध रहेगी।
LNJP अस्पताल में 20 से अधिक बिस्तर
लोक नायक अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार, अस्पताल का बर्न इंजरी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग किसी भी तरह की चोट से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि बर्न वार्ड में 10 बेड निर्धारित किए गए हैं। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा, "आपदा वार्ड 24×7 खुला है और इसमें 20 से अधिक बिस्तर हैं।" उन्होंने कहा अतिरिक्त इंतजाम एहतियात के कारण किए गए हैं। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि पटाखों पर प्रतिबंध के कारण, इस साल ज्यादा पटाखे नहीं जलाए जाएंगे।
इस अस्पताल में 112 बिस्तर
सफदरजंग अस्पताल में बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के सभी डॉक्टर ड्यूटी पर रहेंगे। 'सफदरजंग अस्पताल में बर्न्स और प्लास्टिक विभाग के प्रमुख डॉ शलभ कुमार ने कहा, अस्पताल प्रशासन ने 20 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए हैं। ज्यादातर मामले शाम 6 बजे से आधी रात के बीच आते हैं। इसे दीपावली पर प्राइम टाइम के रूप में देखा जाता है। इस अवधि में हमारे विभाग में 112 बिस्तर हैं। पूरा विभाग ड्यूटी पर रहेगा।
दीपावली के दिन बर्न इंजरी में गिरावट
गौरतलब है कि पिछले साल, दिल्ली के अस्पताल में कोविड महामारी से पहले के वर्षों की तुलना में Diwali Burn Injuries के कम मामले दर्ज किए गए थे। यह भी दिलचस्प है कि पटाखों पर बैन के बीच दिल्ली के आसपास NCR से पटाखे खरीदे गए हैं। एक सर्वे में दिल्ली-NCR के करीब 39 फीसद लोगों ने कहा है कि वे पटाखे जलाएंगे।












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