Delhi Today: आयुष्मान योजना को लेकर सख्त हुई दिल्ली सरकार, 110 अस्पतालों को नोटिस जारी, जानिए सब अपडेट
Delhi Today: दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को ज़मीन पर उतारने की तैयारी तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने राजधानी के 110 अस्पतालों को नोटिस जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द इस योजना के तहत दिल्ली सरकार से करार करें। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रही अवैध मीट की दुकानों और ढाबों पर सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए है। आइए जानते हैं आज की सब अपडेट...
दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में राजधानी के लगभग 110 अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल होने के लिए अनुबंध पत्र और आवश्यक दिशा-निर्देश भेजे हैं।

इस योजना के तहत दिल्ली के निवासियों को अब 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले 5 लाख रुपये के बीमा को दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त 5 लाख रुपये जोड़कर और अधिक लाभकारी बनाया गया है।
इस पहल का उद्देश्य राजधानी के लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मुहैया कराना है
इस निर्णय के तहत, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संबंधित अस्पतालों को योजना से जुड़ने और इसके अनुसार सेवाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शिका और नियमों की प्रति भेज दी है। इस पहल का उद्देश्य राजधानी के लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मुहैया कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों की स्थिति में उन्हें आर्थिक रूप से परेशान न होना पड़े। यह कदम न केवल दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी अधिक सुरक्षित और किफायती बनाएगा।
110 अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली सरकार के साथ करार करना होगा
दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजधानी के करीब 110 अस्पतालों को जल्द से जल्द आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली सरकार के साथ करार करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस योजना से लाभ उठाने वाले मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को एक अनुबंध पत्र (कॉन्ट्रैक्ट लेटर) की प्रति भी भेजी है, ताकि वे समय रहते जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर सकें और योजना के तहत सेवाएं देना शुरू कर दें। यह पहल इस दिशा में एक अहम कदम है, जिससे दिल्लीवासियों को अधिक व्यापक और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
राजधानी के रिहायशी इलाकों में अवैध मीट की दुकानों और ढाबों पर कार्रवाई के आदेश
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रही अवैध मीट की दुकानों और ढाबों पर सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी गैरकानूनी प्रतिष्ठानों को गिराने और उनकी बिजली व पानी की सप्लाई तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन विधानसभा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सामने आए व्यापक नियम उल्लंघनों और पर्यावरणीय चिंताओं के बाद की गई। सिरसा ने कहा कि रिहायशी इलाकों में अवैध व्यवसायिक गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया, "एक ही गली में 40 से 50 से अधिक ढाबे और मीट की दुकानें बिना किसी वैध परमिट के संचालित हो रही हैं। ये न केवल लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी भारी परेशानी का कारण बन रहे हैं।"
"इस तरह की अराजकता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा"
सिरसा ने यह भी कहा कि उन्होंने जिला आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी अवैध इकाइयों को सील किया जाए और उनकी बिजली-पानी की आपूर्ति तुरंत रोकी जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की गतिविधियों को दोहराने की हिम्मत न करे।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली की आवासीय कॉलोनियों में फैलती अवैध और प्रदूषणकारी गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में तंदूर, रंगाई इकाइयां, डेनिम फैक्ट्रियां और अन्य औद्योगिक गतिविधियां बिना अनुमति के चल रही हैं, जो न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रही हैं बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी प्रभावित कर रही हैं।
सिरसा ने बताया कि राजधानी के रिहायशी इलाकों में हजारों अवैध मीट की दुकानें और ढाबे खुले हुए हैं। ये न केवल प्रदूषण फैला रहे हैं, बल्कि अनावश्यक भीड़ और सुरक्षा की समस्याएं भी खड़ी कर रहे हैं - खासकर महिलाओं और बुजुर्गों के लिए। उन्होंने स्पष्ट कहा, "इस तरह की अराजकता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" रिहायशी कॉलोनियों में प्रदूषण फैलाने वाले और अवैध व्यापारिक प्रतिष्ठानों की कोई जगह नहीं है। यह न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालता है, बल्कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और जीवन गुणवत्ता पर भी असर डालता है।"
सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए: सिरसा
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजधानी में सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने जलभराव की समस्या का तुरंत समाधान करने और सड़कों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए, ताकि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों पर समय रहते काबू पाया जा सके। सिरसा ने ध्वनि प्रदूषण और अवैध पार्किंग को भी गंभीर मुद्दा बताते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लाउडस्पीकरों के उपयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि साफ-सफाई से लेकर सड़क के बुनियादी ढांचे तक, हर मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य एक विकसित और सुंदर दिल्ली का निर्माण करना है। हर नागरिक को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त माहौल में जीने का अधिकार है - और इसे सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।"












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