Delhi Today: CM रेखा गुप्ता के कार्यकाल के 3 महीने पूरे, डेलिगेशन को लेकर दिल्ली की सियासत में बवाल!
Delhi Today: रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली में अपने शुरुआती तीन महीने पूरे कर लिए हैं। बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान "डबल इंजन सरकार" का वादा किया था और अब केंद्र व राज्य दोनों जगह सत्ता में होने के कारण उम्मीद की जा रही है कि विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे।
लेकिन रेखा गुप्ता के 100 दिन पूरे होने से पहले ही दिल्ली की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। एमसीडी में आम आदमी पार्टी को करारा झटका लगा है जहां उसके 13 पार्षदों ने पार्टी से बगावत कर नया गुट बना लिया है। इससे बीजेपी की संख्या एमसीडी में 117 तक पहुंच गई है, जबकि AAP की सीटें घटकर 100 रह गई हैं।

इस बीच आतंकवाद के मुद्दे पर विदेश में प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने को लेकर भी सियासी गर्मी बढ़ गई है। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मसलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, जबकि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर "सस्ती राजनीति" करने का आरोप लगाया है।
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20 फरवरी को संभाली थी रेखा गुप्ता ने सत्ता
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार ने मंगलवार, 20 मई को अपने कार्यकाल के तीन महीने पूरे कर लिए। उन्होंने 20 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब 100 दिन पूरे होने में सिर्फ 10 दिन बाकी हैं, जो आमतौर पर किसी भी सरकार के शुरुआती नीति और कामकाज का खाका पेश करने का समय माना जाता है।
'डबल इंजन सरकार' पर फोकस
दिल्ली विधानसभा चुनाव उस वक्त हुए थे जब राज्य और केंद्र सरकार के बीच तनातनी ने शासन व्यवस्था को लगभग ठप कर दिया था। ऐसे में बीजेपी ने चुनाव प्रचार के दौरान 'डबल इंजन सरकार' का वादा किया। पार्टी ने यह बात जोर देकर कही कि अगर केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही पार्टी की सरकार होगी, तो दिल्ली का विकास तेजी से होगा।
MCD में AAP को बड़ा झटका
इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) को एमसीडी में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। शनिवार को पार्टी के 13 पार्षदों ने बगावत कर एक नया गुट बना लिया। इससे एमसीडी में AAP की ताकत घटकर 100 पर पहुंच गई है, जबकि बीजेपी अब 117 पार्षदों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है।
बिना डरे टूट गए AAP पार्षद
गौर करने वाली बात यह है कि एमसीडी पर 'दलबदल कानून' लागू नहीं होता। इसका मतलब है कि बगावत करने वाले पार्षदों पर कोई कानूनी रोक नहीं लगाई जा सकती। दिसंबर 2022 में हुए एमसीडी चुनाव में AAP ने 134 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, लेकिन अब पार्टी मुश्किल में नजर आ रही है।
स्टैंडिंग कमेटी चुनाव से पहले बढ़ी बेचैनी
13 पार्षदों की बगावत ऐसे समय हुई है जब एमसीडी में जोनल वार्ड कमेटियों और स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के चुनाव होने हैं। स्टैंडिंग कमेटी की 18 सदस्यीय टीम दिल्ली में 5 करोड़ से ऊपर के सभी नागरिक परियोजनाओं को नियंत्रित करती है। ऐसे में AAP की अंदरूनी फूट इस चुनाव को भी प्रभावित कर सकती है।
आतंकवाद पर दौरे को लेकर सियासी टकराव
वहीं दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत के खिलाफ हो रहे आतंकवाद के मुद्दे पर देश को एकजुट रहना चाहिए, न कि राजनीति करनी चाहिए। दरअसल, भारत के सहयोगी देशों के दौरों के लिए बन रही ऑल-पार्टी टीम में कांग्रेस की सिफारिशों को लेकर विवाद हुआ। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि सरकार की मंशा गंभीर नहीं है और वह राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सस्ती राजनीति करती है।
दिल्ली की राजनीति एक बार फिर उबाल पर
रेखा गुप्ता सरकार के तीन महीने पूरे होने के साथ ही दिल्ली की सियासी तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है। AAP की कमजोरी और बीजेपी की मजबूती ने राजधानी की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। आने वाले हफ्ते दिल्ली की राजनीति के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
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