दिल्ली में मंदिर की रेलिंग तोड़े जाने पर बवाल, मंत्री आतिशी ने बोलीं- सरकार नहीं LG ने दिया ये आदेश
दिल्ली के मंडावली में मंदिर की रेलिंग तोड़े जाने पर जमकर विरोध हुआ। इसको लेकर दिल्ली सरकार में मंत्री व आम आदमी पार्टी नेता आतिशी मार्लेना ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को निशाने पर लिया।
दिल्ली के मंडावाली में मंदिर परिसर के एक हिस्से को ध्वस्त करने के मामले में केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर आरोप लगाए। मंडावली में विरोध के बाद उन्होंने कहा कि दिल्ली का ये पहला मंदिर नहीं है, जिसके हिस्से को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। आतिशी ने कहा के कहा एलजी दिल्ली के कुल 10 मंदिरों को ध्वस्त करने का आदेश जारी कर चुके हैं।
पूर्वी दिल्ली के मंडावली में मंदिर की रेलिंग तोड़ने पर विवाद शुरू हो गया है। प्रशासन को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मर्लेना भी इसके विरोध में आ गईं।
उन्होंने साफ किया कि ये आदेश दिल्ली सरकार ने नहीं दिया है। जबकि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंदिरों के परिसर को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। आतिशी ने आगे कहा कि एलजी ने सिर्फ मंडावली के मंदिर ही बल्कि कुल 10 मंदिरों के परिसर ध्वस्त करने के आदेश दिया है।

आतिशी ने कहा कि एलजी का इतना अहंकार उचित नही कहा जा सकता। वे खुद को शहंशाह और दिल्ली का राजा समझन लग गए हैं।
ऐसे में दिल्ली की जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बता दें कि जब प्रशासन अधिकारियों टीम मंडावली में मंदिर के पास बने अवैध निर्माण को हटाने पहुंची तो वहां लोगों ने इसका जमकर विरोध किया। यहां जय श्री राम और जय हनुमान का नारा भी लग रहे थे।
मंत्री ने एलजी को लिखा पत्र
वहीं दिल्ली की PWD मंत्री आतिशी ने मंदिरों और धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा, "मुझे पता चला है कि आपने 11 मंदिरों और तीन धर्मस्थलों को तोड़ने का आदेश दिया है। मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों से लोगों की आस्था जुड़ी होती है, इसलिए मंदिर तोड़ने संबंधी आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।"












Click it and Unblock the Notifications