Delhi Pollution: दिल्ली सरकार का वाहन चालकों को अल्टीमेटम, इस डॉक्यूमेंट के बिना निकले तो होगा एक्शन
Delhi Pollution: दिल्ली में पॉल्यूशन के गंभीर (Severe) स्तर को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने घोषणा की है कि GRAP-4 के तहत लागू होने वाले दो कड़े प्रतिबंध अब दिल्ली में स्थायी रूप से लागू रहेंगे।
दिल्ली सरकार ने अब यह नियम अनिवार्य कर दिया है कि बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को पेट्रोल पंप पर तेल नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई।

बिना PUCC के वाहन चलाना अपराध
अब दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने से पहले वाहन चालक को अपना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट दिखाना होगा। मंत्री सिरसा के अनुसार, बिना पीयूसी के वाहन चलाना दिल्ली की हवा के खिलाफ अपराध करने जैसा है।
नॉन-BS6 गाड़ियों की एंट्री पर रोक
दूसरा बड़ा फैसला दिल्ली की सीमाओं से जुड़ा है। अब दिल्ली के बाहर से आने वाली ऐसी गाड़ियां जो BS6 (Bharat Stage VI) मानक की नहीं हैं, उनके दिल्ली में प्रवेश पर स्थायी पाबंदी लगा दी गई है। भारत में 1 अप्रैल 2020 के बाद रजिस्टर्ड सभी गाड़ियां BS6 मानकों वाली हैं। इस कदम का उद्देश्य पुरानी और अधिक धुआं छोड़ने वाली गाड़ियों को राजधानी से बाहर रखना है।
दिल्ली में प्रदूषण का ताजा हाल
दिल्ली की एयर क्वालिटी (AQI) लगातार चिंताजनक बनी हुई है। सुबह के समय AQI 391 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी (400 से ऊपर) के बेहद करीब है। सरकार का मानना है कि वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन प्रदूषण का एक मुख्य कारण है, जिसे रोकने के लिए इन कड़े नियमों को स्थायी करना आवश्यक हो गया था।
पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़
नया नियम सख्ती से लागू होने के बाद दिल्ली के प्रदूषण जांच केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार, पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने वालों की संख्या में दोगुना उछाल आया है। जहां पहले रोजाना करीब 16,000 सर्टिफिकेट बनते थे, वहीं अब यह संख्या 30,000 के पार पहुंच गई है। कई पेट्रोल पंपों पर जांच के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।












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