सुप्रीम कोर्ट का बैन बेअसर, दिल्ली एनसीआर में जमकर चले पटाखे, खतरनाक स्तर पर प्रदूषण
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सांस लेने लायक नहीं बची दिल्ली की हवा
फिलहाल दिल्ली के शादीपुर की हवा की गुणवत्ता एयर क्वालिटी इंडेक्स पर 420 मापी गई है जो काफी खतरनाक स्तर पर है। हवा की क्वालिटी इस इंडेक्स पर 100 पार करने पर ही खराब मानी जाती है लेकिन 300 से ऊपर जाने पर यह बहुत ही खतरनाक मानी जाती है। शादीपुर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 420 है यानी इस साल भी दिवाली पर दिल्ली की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है।

सुप्रीम कोर्ट के बैन के बावजूद चले पटाखे
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में 1 नवंबर 2017 तक पटाखों की बिक्री पर बैन लगाया था। इसके बावजूद पूरी दिल्ली में लोगों के घरों तक पटाखे कैसे पहुंचे, यह बड़ा सवाल है? सूत्रों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के बैन के बावजूद दिल्ली पुलिस और दुकानदारों की मिलीभगत से पटाखे बिके। लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान नहीं किया और न ही प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान की परवाह की। शाम सात बजे के बाद से ही दिल्ली में पटाखे चलने शुरू हो गए और देर रात तक आतिशबाजी जारी रही।

जहरीली हवा से बचने के लिए पलायन
2016 में दिवाली के अगले दिन पूरी दिल्ली गैस चैंबर में बदल गई थी। उस बुरे अनुभव को देखते हुए कई परिवार दिवाली से पहले ही आसपास के शहरों में निकल चुके हैं ताकि प्रदूषित हवा से बच सकें। दिवाली को शाम से ही जिस तरह से पटाखे चले, उससे यही अनुमान लगाए जा रहे हैं कि दिल्ली एक बार फिर गैस चैंबर बन सकती है। ट्विटर पर दिल्लीवासी अपनी चिंता जाहिर करते हुए लगातार ट्वीट कर रहे हैं।

दिल्ली फिर से बनी गैस चैंबर!
ट्विटर पर एक चैनल एंकर ने लिखा कि शाम तक उनको लगा कि सुप्रीम कोर्ट का पटाखों पर लगा बैन असर कर रहा है लेकिन कुछ देर बाद ही दिल्ली का प्रदूषण स्तर बढ़ने लगा। उन्होंने लिखा - दिल्ली फिर से गैस चैंबर है और स्थिति खतरनाक है। ट्विटर यूजर वैभव ने भी लिखा कि दिल्ली गैस चैंबर बन चुकी है और इससे अस्थमा जैसी बीमारियों के खतरे बढ़ गए हैं। अबु तालिब नाम के यूजर ने लिखा कि दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील हो रही है। अपने मास्क चढ़ा लें, प्रदूषण स्तर सामान्य से 10-15 प्वाइंट ऊपर है।












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