कोरोना से 24 घंटे के अंदर हो गई कांस्टेबल अमित राणा की मौत, अस्पतालों में नहीं मिल सका इलाज
दिल्ली। भारत नगर पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल अमित राणा सोमवार (4 मई) की शाम तक बिल्कुल स्वस्थ थे। अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और 24 घंटे के अंदर ही अमित की मौत हो गई। यहां हैरानी की बात यह है कि दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल को किसी भी अस्पताल में इलाज नहीं मिल सका। अगर कांस्टेबल को समय पर वेंटीलेटर मिल जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

सांस लेने में होने लगी थी तकलीफ
अमित राणा (31) सोनीपत के रहने वाले थे और दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भारत नगर पुलिस चौकी पर तैनात थे। बता दें कि अमित शादीशुदा थे और उनका एक 3 साल का बेटा भी है। अमित सोमवार की शाम ड्यूटी करके अपने रूम में लौटे तब उन्हें हल्का बुखार आया और वे दवा लेकर सो गए। उन्हें अहसास तक नहीं था कि कोरोना उनके शरीर पर हमला कर चुका है। लेकिन रात करीब 2 बजे जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो उन्होंने अपने रूम पार्टनर को बताया।
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अस्पताल में नहीं किया गया अमित को एडिमट
इसके बाद अमित को गर्म पानी और चाय दी, लेकिन उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। उसके बाद मंगलवार सुबह तड़के उनका रूम पार्टनर उन्हें लेकर अशोक विहार इलाके में जहां पुलिस कर्मियों का कोरोनो टेस्ट सेंटर है वहां ले गया। लेकिन वहां उन्हें बताया कि यहां केवल कोरोनो का टेस्ट हो सकता है, भर्ती नहीं कर सकते। उसके बाद उसे बाबा साहब अम्बेडकर अस्पताल ले जाया गया। वहां भी कहा कि वे अमित को एडमिट नहीं कर सकते। इसके बाद एसएचओ भरत नगर राम मोहर मीणा ने फोन कर कांस्टेबल को दीपचंद बंधु अस्पताल ले जाने के लिए कहा। जब अमित को ले जाया गया तो अस्पताल के डॉक्टरों ने कुछ दवा दी जिससे अमित की हालत में सुधार हुआ। उसके बाद डॉक्टरों ने उसे कोरोनो टेस्ट कराने के लिए कहा।

आरएमएल अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
उत्तरी पश्चिमी जिले की डीसीपी विजयंता आर्या के मुताबिक, उसके बाद अमित का अशोक विहार कोरोनो टेस्ट के सेंटर में टेस्ट हुआ और फिर उसे आराम करने की सलाह दी गई। डॉक्टरों ने उससे कहा कि वो अपने कमरे में ही क्वारंटाइन रहे। अमित टेस्ट कराने के बाद अपने कमरे में वापस लौट आया। लेकिन मंगलवार शाम उसकी तबियत फिर से बिगड़ गई। विजयंता आर्या के मुताबिक जैसे ही इसकी जानकारी एसएचओ को मिली उन्होंने फौरन आरएमएल अस्पताल में बात करके अमित को वहां भेजा, लेकिन अमित ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बुधवार को अमित की कोरोनो की रिपोर्ट भी आ गई जिसमें पता चला कि वे कोरोना पॉजिटिव थे।

दिल्ली पुलिस में कोरोना से पहली मौत, कांस्टेबल ने गंवाई जान
अब सवाल ये खड़ा होता है कि समय पर अमित को वेंटीलेटर मिल जाता तो क्या उसकी जान बच सकती थी। महज़ 24 घंटे में ही अमित को कोरोनो के लक्षण आए और उसकी मौत हो गई। ये हर किसी के लिए डरावना है। बुधवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने ट्वीट कर कहा कोरोनो से लड़ाई लड़ने वाले हमने अपने एक योद्धा को खो दिया। अमित का बलिदान याद रखा जाएगा।












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