Delhi News: "किसी को बख्शा नहीं जाएगा, अधिकारी और बिल्डर जिम्मेदार", मुस्तफाबाद हादसा पर बोले कपिल मिश्रा
Delhi News: दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां एक चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के वक्त इमारत में कई परिवार रह रहे थे, जिससे मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में बीजेपी नेता ने कपिल मिश्रा ने बयान देते हुए कहा है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि आपराधिक अनदेखी है।
मुस्तफाबाद में इमारत ढहने की घटना पर दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कहा, "यह एक दर्दनाक घटना है। दिल्ली पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें रात से ही यहां काम कर रही हैं। 4 लोगों की जान चली गई, 15 को बचा लिया गया है और मलबे में 10 और लोगों के फंसे होने की आशंका है।

यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि आपराधिक अनदेखी है: कपिल मिश्रा
उन्होंने कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि आपराधिक अनदेखी है। इसके लिए अधिकारी और बिल्डर दोनों ही जिम्मेदार हैं और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मुस्तफाबाद, सीलमपुर, पुरानी दिल्ली और ऐसे इलाकों में अवैध निर्माण हुआ है। हमने एमसीडी कमिश्नर को बुलाया है और हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अधिकारी बख्शा न जाए। आस-पास की कुछ इमारतों को खाली करा दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पुष्टि की है कि अब तक इस हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 28 लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं। मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। एनडीआरएफ और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें पिछले छह घंटों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
विधानसभा के उपाध्यक्ष और मुस्तफाबाद से विधायक मोहन सिंह बिष्ट भी घटनास्थल पर पहुंचे
DIG ऑपरेशंस, NDRF मोहसिन शहीदी ने बताया कि स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार मलबे में करीब 12 लोग फंसे हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। इलाके की तंग गलियों और भीड़भाड़ के कारण भारी मशीनरी को घटनास्थल तक पहुंचाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। NDRF की दो टीमें मौके पर तैनात हैं और मैनुअल तौर पर मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष और मुस्तफाबाद से विधायक मोहन सिंह बिष्ट भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और राहत कार्य में तेजी लाने की बात कही। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और घायलों को समय रहते इलाज मुहैया कराना है। घटना ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी है और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा है?
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि मुस्तफाबाद में इमारत गिरने की दर्दनाक घटना से मन अत्यंत व्यथित है। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राहत एवं बचाव कार्यों में DDMA, NDRF, DFS और अन्य एजेंसियाँ सतत रूप से जुटी हैं। सभी घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में जिनकी मृत्यु हुई है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें।
मुस्तफाबाद हादसे से जुड़ा एक चौंकाने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो इस भयावह घटना की गंभीरता को बयां करता है। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि किस तरह चार मंजिला इमारत रात के सन्नाटे में ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गई।












Click it and Unblock the Notifications