Delhi NCR Weather: राजधानी में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी! पारा 3 डिग्री गिरा, पहाड़ों से ज्यादा क्यों जम रही दिल्ली?
Delhi NCR Weather Update: दिल्ली-एनसीआर इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। शुक्रवार सुबह राजधानी में तेज ठंड के साथ हल्का कोहरा देखने को मिला। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बढ़ती सर्दी को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
16 जनवरी को लगातार छठे दिन दिल्ली में शीतलहर की स्थिति बनी रही और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर तापमान बेहद नीचे चला गया है। पालम मौसम केंद्र में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके बाद आयानगर में तापमान 2.7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि लोधी रोड क्षेत्र में पारा 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आखिर क्यों जम रही है राजधानी, क्या है इसका मुख्य कारण...
Delhi Record Cold Wave: पहाड़ों से भी ज्यादा ठंड क्यों?
सफदरजंग में तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह पिछले तीन सालों में जनवरी महीने का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। इससे पहले 16 जनवरी 2023 को यहां तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।
हैरानी की बात यह है कि दिल्ली-एनसीआर का तापमान इस समय हिमालयी हिल स्टेशनों से भी कम बना हुआ है। क्योंकि शिमला में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस और देहरादून में 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।
Delhi Temperature पर वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
IMD के वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली में इस असामान्य ठंड के पीछे कई अहम वैज्ञानिक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है उत्तर-पश्चिम दिशा से बहने वाली शुष्क और ठंडी हवाएं। ये हवाएं बिना नमी के मैदानी इलाकों में तेज़ी से बह रही हैं, जिससे तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है। दूसरी ओर, पहाड़ी इलाकों में इस समय सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मौजूद है। इसके चलते पहाड़ों पर बादलों की मोटी परत छाई हुई है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, पहाड़ों पर मौजूद बादल रात के समय धरती की गर्मी को बाहर निकलने से रोक लेते हैं। इससे वहां तापमान बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिरता। इसके उलट, दिल्ली-एनसीआर में बीते कई दिनों से आसमान साफ बना हुआ है। जब बादल नहीं होते, तो दिन में जमा हुई गर्मी रात के समय सीधे वातावरण में निकल जाती है। इससे ज़मीन और उसके पास की हवा बहुत तेजी से ठंडी हो जाती है।
इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में रेडिएशनल कूलिंग कहा जाता है। आसान शब्दों में समझें तो गर्मी टिक नहीं पाती और ठंड तेजी से बढ़ जाती है। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर में रात और सुबह के समय सर्दी बेहद तीखी महसूस हो रही है।
Delhi Weather Forecast: आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक, 16 से 20 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। वहीं, मैदानी इलाकों-पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और उत्तर प्रदेश-में भी 18 जनवरी के बाद बारिश हो सकती है। बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड का असर कुछ हद तक कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद कम है।
IMD ने लोगों को ठंड को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की अपील की गई है। फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी कुछ दिन और हाड़ कंपाने वाली ठंड झेलनी पड़ सकती है।












Click it and Unblock the Notifications