दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंचा! GRAP IV लागू होने के बाद क्या खुला, किस चीज पर रोक?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में 18 नवंबर, 2024 की सुबह 8 बजे से संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-IV ('गंभीर+' वायु गुणवत्ता) के तहत कार्रवाई लागू की है। यह पहले से लागू चरण I, II और III की कार्रवाइयों के बाद लागू किया गया है।
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब हो गया है, जो अपर्याप्त मौसम स्थितियों के कारण 17 नवंबर की शाम 4 बजे 441 पर पहुंच गया और शाम 7 बजे तक बढ़कर 457 हो गया। दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता का स्तर 'गंभीर प्लस' स्तर तक गिरने के बाद GRAP स्टेज 4 लागू करने की घोषणा की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 483 दर्ज किया गया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे खराब प्रदूषण स्तर है।

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण 4 के तहत दिल्ली-एनसीआर के लिए सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपाय सोमवार सुबह 8 बजे से प्रभावी हैं। इसमें ट्रक प्रवेश पर प्रतिबंध और सार्वजनिक परियोजनाओं पर निर्माण पर अस्थायी रोक शामिल है। यहां पूरी लिस्ट दी गई है कि GRAP 4 स्टेज के लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में किस चीज की अनुमति है और किस चीज पर प्रतिबंध है-
GRAP चरण 4 में दिल्ली में पंजीकृत डीजल चालित मध्यम और भारी माल वाहनों (BS-IV या उससे नीचे) पर प्रतिबंध शामिल है, सिवाय उन वाहनों के जो आवश्यक वस्तुएं ले जा रहे हैं।
ट्रकों को (आवश्यक वस्तुएं ले जाने वाले/आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले ट्रकों को छोड़कर) राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी जब तक कि GRAP का चरण IV प्रभावी है।
कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी छात्रों के लिए भौतिक कक्षाएं बंद कर रहेंगी। सभी स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करेंगे, जब तक कि आगे के आदेश न आ जाएं।
सभी निर्माण गतिविधियां, जिनमें राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, बिजली लाइनें, पाइपलाइन और अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं शामिल हैं, निलंबित कर दी गई हैं।
दिल्ली-पंजीकृत BS-IV या पुराने डीजल मध्यम और भारी माल वाहनों पर प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय उन वाहनों के जो आवश्यक सेवाओं में हैं। गैर-आवश्यक हल्के वाणिज्यिक वाहन जो दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं उन्हें भी प्रतिबंधित किया जाएगा, सिवाय EVs और CNG तथा BS-VI डीजल वाहनों के।
GRAP 4 के तहत क्या खुला है, क्या बंद? (FAQs)
Q: GRAP चरण 4 में डीजल चालित वाहनों पर क्या प्रतिबंध हैं?
A: GRAP चरण 4 में दिल्ली में पंजीकृत डीजल चालित मध्यम और भारी माल वाहनों (BS-IV या उससे नीचे) पर प्रतिबंध लगाया गया है, सिवाय उन वाहनों के जो आवश्यक वस्तुएं ले जा रहे हैं।
Q: क्या सभी छात्रों के लिए भौतिक कक्षाएं बंद हैं?
A: हां, कक्षा 10 और 12 को छोड़कर सभी छात्रों के लिए भौतिक कक्षाएं बंद रहेंगी और सभी स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करेंगे।
Q: क्या निर्माण गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध है?
A: जी हां, सभी निर्माण गतिविधियां, जिसमें राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, बिजली लाइनें, पाइपलाइन और अन्य सार्वजनिक परियोजनाएं शामिल हैं, निलंबित कर दी गई हैं।
Q: क्या दिल्ली के बाहर पंजीकृत हल्के वाणिज्यिक वाहनों पर कोई प्रतिबंध है?
A: हां, गैर-आवश्यक हल्के वाणिज्यिक वाहन जो दिल्ली के बाहर पंजीकृत हैं, उन्हें भी प्रतिबंधित किया जाएगा, सिवाय EVs और CNG तथा BS-VI डीजल वाहनों के।
Q: क्या आवश्यक सेवाओं में शामिल डीजल वाहनों को GRAP चरण 4 से छूट है?
A: हां, आवश्यक सेवाओं में शामिल डीजल वाहनों को GRAP चरण 4 से छूट दी गई है।
Q: क्या मॉर्निंग वाक के लिए लोग जा सकते हैं?
A: हां, मॉर्निंग वाक पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
Q: क्या छोटे बच्चों की पढ़ाई बंद है?
A: क्लास 10 तक के बच्चों की भौतिक कक्षाएं बंद हैं यानी कि उन्हें स्कूल नहीं जाना होगा लेकिन उनकी पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी। स्कूल बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेज की वयवस्था करेंगे।
CAQM द्वारा जारी सुझाव
CAQM ने कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 के छात्रों के लिए ऑनलाइन शिक्षण का सुझाव दिया है। इसने यह भी सिफारिश की कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में कार्यालयों को 50 प्रतिशत क्षमता पर काम करना चाहिए, बाकी घर से काम करें। पैनल ने कहा कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए घर से काम करने का विकल्प पेश किया जा सकता है। राज्य सरकारें भी कॉलेजों को बंद करने का निर्णय ले सकती हैं, गैर-आवश्यक वाणिज्यिक गतिविधियों को सीमित कर सकती हैं और विषम-समान वाहन नियम लागू कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री आतिशी ने लगाए केंद्र सरकार पर आरोप
दिल्ली के मुखयमंत्री आतिशी ने प्रदूषण के स्तर पर चिंता व्यक्ति करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण बढ़ रहा है अउ हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पराली जलाने को लेकर कोई एक्शन नहीं लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सब जानते समझते हुए भी केंद्र हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
#WATCH | Air pollution | Delhi CM Atishi says, "...Stubble burning is happening in Punjab, Haryana, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh and Rajasthan. Central Government is sitting idle. Today, entire north India has been pushed into a medical emergency. Be it Delhi, Chandigarh,… pic.twitter.com/GjayUtLkPf
— ANI (@ANI) November 18, 2024
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, "...पराली जलाना पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हो रहा है। केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आज पूरा उत्तर भारत एक चिकित्सा आपातकाल में धकेल दिया गया है। चाहे दिल्ली हो, चंडीगढ़, जयपुर, बीकानेर, भोपाल, पटना, लखनऊ - आज पूरे देश में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब, खराब, गंभीर और गंभीर+ स्तर पर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर दिन डेटा जारी करता है...आज देश भर के लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "अगर आप पराली जलाने और खेतों में आग के आंकड़े देखें, चाहे वह राजस्थान हो, हरियाणा हो, उत्तर प्रदेश हो या मध्य प्रदेश - आपको हर जगह पराली जलती हुई दिखेगी। केंद्र सरकार क्या कर रही है? अगर इस देश में कोई एक राज्य है जिसने पराली जलाने की घटनाओं को कम किया है तो वह पंजाब है। अगर आप आंकड़े देखें तो 2021 में कुल 71,300 आग की घटनाएं दर्ज हुई थीं। पिछले साल यह घटकर 36,650 रह गईं। इस साल पंजाब में केवल 8,404 घटनाएं हुई हैं। लेकिन अन्य राज्यों के आंकड़े देखें। यूपी में पराली जलाने की घटनाएं पिछले साल की तुलना में 60% बढ़ गई हैं। पिछले साल 1533 खेतों में आग लगी थी और इस साल यह बढ़कर 1926 हो गईं।"
भाजपा शासित राज्यों को निशाने पर लेते हुए आतिशी ने आगे कहा, "राजस्थान में भी पराली जलाई जा रही है। 2020 में लगभग 430 घटनाएं हुई थीं और 2024 तक यह बढ़कर 1926 हो गईं। देश में सबसे ज्यादा पराली जलाने की घटनाएं मध्य प्रदेश में हो रही हैं। केंद्र के अपने आंकड़े कहते हैं कि 15 सितंबर से 17 नवंबर तक मध्य प्रदेश में पराली जलाने की 9,600 घटनाएं हुई हैं...जब पंजाब सरकार पराली जलाने की घटनाओं को 80% तक कम कर सकती है तो अन्य राज्यों में ऐसी घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?"
यह भी देखें: Delhi Air Pollution: दिल्ली में 'गंभीर प्लस' लेवल का वायु प्रदूषण, GRAP-IV के तहत आज से ये पाबंदियां लागू












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