Delhi Air Pollution: दिल्ली में 'गंभीर प्लस' लेवल का वायु प्रदूषण, GRAP-IV के तहत आज से ये पाबंदियां लागू
Delhi Air Pollution: दिल्ली की आबोहवा एक बार फिर दमघोंटू हो गई है। रविवार शाम को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'गंभीर प्लस' लेवल से ऊपर पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए GRAP-IV के नए नियम लागू करने का ऐलान किया, जो कि सोमवार से लागू हो गए। ऐसे में दिल्ली में GRAP-4 के बाद क्या-क्या पाबंदियां होंगी, जानिए...
दिल्ली में सोमवार सुबह 6 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 481 पर था, जिसे 'गंभीर प्लस' श्रेणी में रखा गया है, जिसका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इससे पहले AQI के 457 पर पहुंचने के बाद रविवार शाम को आपातकालीन उपायों के तहत GRAP-IV के नए नियम लागू करने का ऐलान किया गया।

GRAP-IV के नए उपायों के तहत दिल्ली में डीजल ट्रकों पर प्रतिबंध, स्कूलों को बंद करना और सेंटर फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की सलाह के अनुसार घर से काम करना शामिल है।
GRAP प्रणाली ने AQI को चार स्तरों में बांटा है:
- खराब (201-300)
- बहुत खराब (301-400)
- गंभीर (401-450)
- गंभीर प्लस (450 से ऊपर)
सोमवार सुबह दिल्ली का AQI 481 पर है, जो "गंभीर प्लस" श्रेणी में आता है, जिसके कारण GRAP-4 प्रतिबंध लागू होते हैं।
दिल्ली प्रदूषण: GRAP-4 के तहत प्रमुख प्रतिबंध
बिगड़ती वायु गुणवत्ता के जवाब में CAQM ने बढ़ते प्रदूषण को रोकने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के उद्देश्य से एक सख्त 8-सूत्रीय कार्य योजना लागू की। ये उपाय पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लागू किए गए हैं, जो कि वायु गुणवत्ता में सुधार होने तक लागू रहने की उम्मीद है।
ट्रक एंट्री बैन: दिल्ली में गैर-आवश्यक ट्रकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, केवल आवश्यक वस्तुओं, आवश्यक सेवाओं या LNG, CNG, इलेक्ट्रिक पावर या BS-VI डीजल इंजन पर चलने वाले ट्रकों को राहत रहेगी।
हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) पर प्रतिबंध: दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड एलसीवी को भी राजधानी में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जब तक कि वे इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-VI डीजल वाहन ना हों, इसी के साथ आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों के लिए भी छूट है।
डीजल वाहन प्रतिबंध: दिल्ली में पंजीकृत बीएस-IV और उससे कम डीजल से चलने वाले मध्यम और भारी माल वाहनों (एमजीवी और एचजीवी) पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाएगा। आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले वाहनों पर ये नियम लागू नहीं है।
निर्माण गतिविधियों पर रोक: सड़क, राजमार्ग, फ्लाईओवर और बिजली लाइनों जैसी सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं सहित सभी निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) गतिविधियां निलंबित रहेंगी।
स्कूल: दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने घोषणा की कि कक्षा 10 और 12 के छात्रों को छोड़कर सभी के लिए व्यक्तिगत कक्षाएं निलंबित रहेंगी, क्योंकि शहर लगातार छठे दिन प्रदूषण के खतरनाक स्तर से जूझ रहा है।
सरकारी और निजी ऑफिस: सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी कार्यालयों को 50% क्षमता पर काम करना आवश्यक है, जबकि शेष कर्मचारी घर से काम करेंगे। केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को घरों से काम करने की छूट दे सकती है। जबकि एनसीआर राज्य सरकारें सार्वजनिक, निगम और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी क्षमता के साथ घरों से काम करने की छूट दे सकती है।
संभावित अतिरिक्त उपाय: जैसा की स्थिति गंभीर बनी हुई है इसलिए एनसीआर राज्य और दिल्ली सरकारें अतिरिक्त आपातकालीन उपायों को लागू करने पर विचार कर सकती हैं, जैसे कि कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान और गैर-आवश्यक वाणिज्यिक गतिविधियां बंद करना और ऑड-ईवन के आधार पर वाहनों को अनुमति देना शामिल है।












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