Delhi AQI Today: दमघोंटू मंडे! AQI का स्तर हुआ और भी हाई, कैंसिल हुईं 120 से ज्यादा फ्लाइट्स
Delhi AQI Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार की सुबह किसी डरावने सपने जैसी रही। कड़ाके की ठंड के बीच दिल्ली 'गैस चैंबर' में तब्दील हो गई है। जहरीली स्मॉग और घने कोहरे की चादर ने पूरी दिल्ली-NCR को अपनी चपेट में ले लिया है। जिससे न केवल सांस लेना दूभर हो गया है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है।
सोमवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 393 दर्ज किया गया। जो 'बहुत खराब' और 'गंभीर' श्रेणी के बेहद करीब है। हवा में प्रदूषकों का स्तर सामान्य से कई गुना ज्यादा है। PM 2.5 का स्तर भी 242 रहा जो मानक से बहुत ऊपर है। PM 10 का स्तर 324 दर्ज किया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी और धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषण की परत जमीन के करीब जम गई है, जिससे लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है।
IGI एयरपोर्ट पर 'हवाई इमरजेंसी': 110 उड़ानें रद्द
कम दृश्यता (Low Visibility) ने हवाई सफर को बुरी तरह प्रभावित किया है। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार 21 दिसंबर को कोहरे के कारण 110 उड़ानें रद्द, 200 सेवाएं लेट हुईं। बीते मंगलवार भी 95 फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा था।
- असर: मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों की उड़ानें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं।
- शनिवार का हाल: बता दें कि शनिवार को भी 120 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं, जिससे हजारों यात्री फंसे रहे।
GRAP-4 के बावजूद बेअसर पाबंदियां
दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सबसे सख्त नियम GRAP Stage 4 लागू हैं। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक और भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं। बावजूद इसके, मौसम की प्रतिकूल स्थितियों के कारण प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
अरावली पर छिड़ी बहस: क्या यही है बचाव की ढाल?
प्रदूषण के इस संकट के बीच अरावली पहाड़ियों के संरक्षण की मांग तेज हो गई है। 20 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली की परिभाषा तय करने के बाद पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है, "अरावली दिल्ली के लिए फेफड़ों का काम करती है। यदि यहां माइनिंग को बढ़ावा दिया गया, तो रेगिस्तानी धूल और प्रदूषण दिल्ली की हवा को और भी ज्यादा जहरीला बना देंगे।"
स्वास्थ्य सलाह: डॉक्टर क्या कह रहे हैं?
अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या में 30-40% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों ने निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- मास्क अनिवार्य: घर से बाहर निकलते समय N-95 मास्क का प्रयोग करें।
- समय का ध्यान: सुबह और देर शाम 'आउटडोर एक्टिविटीज' या मॉर्निंग वॉक से बचें।
- सेंसिटिव ग्रुप: बच्चे, बुजुर्ग और हृदय रोगी विशेष सावधानी बरतें।












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