दिल्ली से चोरी, बांग्लादेश तक सप्लाई! इंटरनेशनल मोबाइल माफिया का काला खेल दिल्ली पुलिस ने किया बेनकाब
Mobile phone Stealing International Gang: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिल्ली से चोरी किए गए महंगे स्मार्टफोन को बांग्लादेश में सप्लाई करता था। ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो यात्रियों को बसों और मेट्रो ट्रेनों में निशाना बनाकर फोन चुराते थे। बरामद किए गए 26 मोबाइल कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश भेजे जाने वाले थे। यह कार्रवाई उस नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की सतत निगरानी और बड़ी सफलता का हिस्सा है।

मास्टरमाइंड गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ताज मोहम्मद (54), परवेश उर्फ फिरोज खान (42) और करण उर्फ ओम प्रकाश (30) के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने संगम विहार निवासी अजय नेगी और सनी कट्टा के नाम लिए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस अवैध कारोबार के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं।
जेबकतरों और झपटमारों से चोरी के स्मार्टफोन इकट्ठा करता था
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में जेबकतरों और झपटमारों से चोरी के स्मार्टफोन इकट्ठा करता था। फिर इन्हें कोलकाता में एजेंटों तक पहुंचाया जाता था, जो बांग्लादेश में खरीदारों को सप्लाई करते थे। बरामद मोबाइल 10 अलग-अलग चोरी और गुमशुदगी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं, जिनमें चार ई-एफआईआर शामिल हैं।
कहां का रहने वाला है आरोपी
- ताज मोहम्मद: यूपी के बाराबंकी का निवासी, पढ़ाई केवल दूसरी कक्षा तक, मजदूरी के बाद जेबकतरी की ओर मुड़ा, पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं।
- परवेश उर्फ फिरोज खान: बिहार के मुंगेर का निवासी, सातवीं तक पढ़ा, पहले तीन बार चोरी के मामलों में पकड़ा गया।
- करण उर्फ ओम प्रकाश: यूपी के गौतमबुद्ध नगर का निवासी, आठवीं तक पढ़ाई, पिता की मृत्यु के बाद मजदूरी, 13 आपराधिक मामले पहले से दर्ज।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता
गिरोह विशेष तौर पर भीड़भाड़ वाली बसों और मेट्रो ट्रेनों को निशाना बनाता था। चोरी किए गए फोन रिसीवर्स तक तुरंत पहुंचाए जाते थे और फिर बांग्लादेश भेजे जाते थे। इससे पहले बीते शुक्रवार को भी दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 294 चोरी के फोन और 50 लाख रुपये से अधिक कीमत बरामद की गई थी। आठ आरोपियों को दिल्ली और कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था।
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विशेष टीम ने की कार्रवाई
Delhi Police के डीसीपी (दक्षिण) अंकित चौहान ने बताया कि इस गिरोह को पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर उमेश यादव की अगुवाई में विशेष टीम बनाई गई थी। 27 जुलाई को दिनेश (52), रिजवान (38), रवि (30) और अजय (41) को गिरफ्तार किया गया था। ये सभी आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में संलिप्त रहे हैं।
इस कार्रवाई से यह साफ हुआ कि दिल्ली से चोरी हुए स्मार्टफोन केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध बाजार में भी सप्लाई किए जा रहे हैं। पुलिस की सतत निगरानी और विशेष टीम की मेहनत से इस गिरोह का नेटवर्क बेनकाब हुआ है, जिससे राजधानी में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है।
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