'स्वास्थ्य सचिव को किया जाए बर्खास्त', दिल्ली के अस्पतालों में नकली दवाईयों को लेकर बोले मंत्री सौरभ भारद्वाज
दिल्ली के अस्पतालों में नकली दवाईयों की बात सामने आने पर सरकार ने कमर कस ली है। इसको लेकर सरकार दवाईयों के ऑडिट कराना चाहती है। जिसको लेकर सरकार ने दिल्ली के स्वस्थ्य सचिव निर्देश भी जारी किए हैं। ऑडिट में देरी पर स्वास्थ्य मंत्री को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि बार- बार सरकार के निर्देशों का पालन ना करने वाले स्वास्थ्य सचिव को सस्पेंड कर देना चाहिए।
राजधानी दिल्ली में ये सामने आया है कि सरकारी अस्पतालों में नकली दवाइयां मिली हैं। मामले में निगरानी सचिव ने स्वास्थ्य सचिव को खत लिखकर कहा है कि उन सभी दवा कंपनियों पर कार्रवाई की जाए जिनकी दवाइयां लैब टेस्ट में फेल हो गई हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'इस विषय में बार-बार मेरी तरफ से स्वास्थ्य सचिव को खत लिखे गए।

दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अस्पतालों में नकली दवाएं मिलने के मामले में स्वास्थ्य सचिव की खिंचाई की। शुक्रवार को एक बयान में उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के कई बार निर्देश के बावजूद उन्होंने दवाइयों का ऑडिट नहीं कराया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "मैंने बार-बार स्वास्थ्य सचिव को खत लिख कर कहा कि आप दवाओं की ऑडिट कराएं। उन्होंने ऑडिट नहीं कराया। मैंने ऐक्शन रिपोर्ट मांगा पर फिर भी ऑडिट नहीं कराया गया। अब अगर 43 में से 6 सैंपल सब स्टैंडर्ड निकलते हैं तो इसके लिए कार्रवाई होनी चाहिए कि आखिर क्यों स्वास्थ्य सचिव इसपर कार्रवाई नहीं कर रहे थे।"
मामले में मीडिया के सवाल के जवाब में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "जब मैं स्वास्थ्य मंत्री बना तभी मैंने सभी अधिकारियों के साथ बैठक की। मैंने कहा था कि दवाइयों का ऑडिट होना चाहिए, लेकिन ऑडिट नहीं हुआ। मैंने 3 अप्रैल को दोबारा चिट्ठी लिखी की ऑडिट नहीं हुई। जुलाई में मैंने फिर से लिखा कि आदेश पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दी जाए। एक मंत्री बार-बार निर्देश दे रहा है और अगर स्वास्थ्य सचिव नहीं कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि कुछ छुपाना चाह रहे हैं। इसी विषय में इतनी गड़बड़ी निकल रही है तो स्वास्थ्य सचिव को क्यों रखा हुआ है? इसको हटाने की सिफारिश हमने 2 महीने पहले उपराज्यपाल से की थी तब भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।"












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