Delhi Metro Update: मेट्रो यात्रियों की मौज! अब हर स्टेशन पर मिलेगी पार्किंग, सरकार-DMRC ने खींचा नया रोडमैप
Delhi Metro Parking Policy 2026: दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को निर्देश दिए हैं कि नए बन रहे अधिक से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएं।
सरकार का कहना है कि यदि किसी स्टेशन पर पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, तो भी वहां छोटी पार्किंग जरूर बनाई जाए, ताकि यात्रियों को अंतिम मील (Last Mile Connectivity) की समस्या से निजात मिल सके।

अब तक डीएमआरसी उन्हीं मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग विकसित करता रहा है, जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध होती थी। लेकिन बढ़ती आबादी, निजी वाहनों की संख्या और मेट्रो यात्रियों की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने इस नीति में बदलाव का संकेत दिया है।
Delhi Metro Station Name Change: मेट्रो स्टेशनों के नाम तय करेगी स्टेशन नेमिंग अथॉरिटी
बैठक में यह भी तय किया गया कि भविष्य में मेट्रो स्टेशनों के नाम अब दिल्ली सरकार की स्टेशन नेमिंग अथॉरिटी (SNA) द्वारा अंतिम रूप से तय किए जाएंगे। हालांकि डीएमआरसी भविष्य की परियोजनाओं की डीपीआर (Detailed Project Report) में अस्थायी नाम शामिल कर सकती है, लेकिन अंतिम फैसला एसएनए का ही होगा।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिन मेट्रो स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है लेकिन वे अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उनकी पूरी सूची जल्द से जल्द स्टेशन नेमिंग अथॉरिटी को सौंपी जाएगी, ताकि नामों की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप दिया जा सके।
Metro Station पर मौजूदा पार्किंग सुविधाओं की होगी समीक्षा
सरकार ने डीएमआरसी को निर्देश दिया है कि मौजूदा मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध पार्किंग सुविधाओं की भी समीक्षा और मूल्यांकन किया जाए। जहां जरूरत हो, वहां क्षेत्र की मांग और यात्रियों की संख्या के अनुसार नई योजना तैयार की जाए। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्टेशन पर पार्किंग की कमी के कारण यात्री मेट्रो का उपयोग करने से न हिचकें।
प्रदूषण नियंत्रण पर भी जोर, मिस्ट स्प्रे होंगे अनिवार्य
दिल्ली सरकार के प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों को मजबूत करने के लिए एक और अहम फैसला लिया गया है। सभी नए मेट्रो स्टेशनों के आसपास धूल और मिट्टी को नियंत्रित करने के लिए मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाया जाएगा। यही नहीं, सभी निर्माणाधीन मेट्रो साइट्स पर भी धूल उत्सर्जन रोकने के लिए मिस्ट स्प्रे सुविधा अनिवार्य की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे निर्माण कार्य के दौरान होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त परियोजना है दिल्ली मेट्रो
गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की संयुक्त परियोजना है। परंपरागत रूप से मेट्रो स्टेशनों के नाम स्थानीय इलाकों, कॉलोनियों या प्रमुख स्थलों के आधार पर रखे जाते रहे हैं। हालांकि बीते कुछ वर्षों में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों की ओर से स्टेशनों के नाम बदलने को लेकर लगातार आवेदन आते रहे हैं, जिसके चलते स्टेशन नेमिंग अथॉरिटी की भूमिका को और स्पष्ट किया गया है।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
दिल्ली सरकार के इन फैसलों से आने वाले समय में मेट्रो यात्रियों को बेहतर पार्किंग सुविधा, साफ-सुथरा वातावरण और अधिक सुव्यवस्थित मेट्रो नेटवर्क मिलने की उम्मीद है। खासकर निजी वाहन से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।












Click it and Unblock the Notifications