श्रद्धा वॉकर केस जैसी वारदात से दहली दिल्ली! प्रेमिका की हत्या कर लाश बिस्तर के अंदर ठूंसी, कैसे हुआ खुलासा?
Delhi Crime News: दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है। एक 35 साल की विवाहित महिला की हत्या उसके कथित प्रेमी और दो अन्य पुरुषों ने मिलकर कर दी। इसके बाद, शव को पेइंग गेस्ट (पीजी) के कमरे में डबल बेड के स्टोरेज बॉक्स के ठूंस दिया।
गला घोंटने के निशान और माथे पर चोट के साथ मिला शव श्रद्धा वॉकर हत्याकांड की याद दिलाता है, जहां प्रेमी ने प्रेमिका को मारकर शव के टुकड़े फ्रिज में रख दिए थे।

Delhi Mangolpuri Murder Case: क्या हुआ उस मंगलवार शाम को?
7 अप्रैल (मंगलवार) को दोपहर करीब 4:30 बजे मंगोलपुरी निवासी 35 वर्षीय महिला (घरेलू सहायिका, पति और तीन बच्चों की मां) पत्थर मार्केट स्थित एक पीजी इमारत की तीसरी मंजिल पर पहुंची। पीजी का मालिक 31 वर्षीय अमरजीत था। महिला वहां 22 वर्षीय दीपक (मुख्य आरोपी) से मिलने आई थी। दीपक खुद विवाहित है और महिला के घर के पास ही चिकन की दुकान चलाता है।
दोनों करीब एक घंटे तक कमरे में रहे। पुलिस जांच के अनुसार, उस समय दीपक का 50 वर्षीय चाचा सुरेंद्र उर्फ बॉबी और चाचा का 52 वर्षीय दोस्त जोगिंदर भी मौके पर मौजूद थे। तीनों ने कथित तौर पर महिला से शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। महिला ने इनकार कर दिया।
गुस्से में आकर दीपक ने महिला को जमीन पर धकेल दिया। फिर अपने हाथ-पैरों से उसे दबाए रखा, कंबल से मुंह दबाकर दम घोंटा और आखिरकार गला घोंटकर हत्या कर दी। माथे पर चोट के निशान भी साफ थे। हत्या के बाद दीपक ने शव को डबल बेड के स्टोरेज बॉक्स में ठूंस दिया। बाहर चाचा और उसके दोस्त पहरा देते रहे। बाद में तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
कैसे हुआ खुलासा? पीजी मालिक की सूझबूझ ने खोल दिया राज
शाम करीब 7 बजे पीजी मालिक अमरजीत, जब कमरे में वापस लौटा तो कमरा खुला पड़ा था। आरोपी दीपक गायब था। बिस्तर के स्टोरेज बॉक्स से एक पैर बाहर झांकता दिखा। संदेह होने पर अमरजीत ने बॉक्स खोला तो अंदर महिला का शव पड़ा था। तुरंत मंगोलपुरी पुलिस स्टेशन में पीसीआर कॉल की गई।
पुलिस पहुंची। अपराध शाखा और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। शव पर गला घोंटने के स्पष्ट निशान और माथे पर चोट मिली। पोस्टमॉर्टम के लिए शव भेज दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि मृतका दीपक की प्रेमिका थी।
गिरफ्तारी और कबूलनामा
8 अप्रैल को पुलिस ने तीनों आरोपियों दीपक (22), सुरेंद्र उर्फ बॉबी (50) और जोगिंदर (52) को गिरफ्तार कर लिया। सभी मंगोलपुरी के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी दीपक ने पूछताछ में हत्या कबूल ली। उसने बताया कि महिला के इनकार करने पर गुस्सा आ गया और उसने यह कदम उठाया। पुलिस के अनुसार, दीपक ने शव छिपाने में चाचा और उसके दोस्त की मदद ली। दोनों ने बाहर पहरा दिया और फरार होने में भी सहयोग किया। पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) और 238 (सबूत मिटाने) के तहत मामला दर्ज कर चुकी है।
पुलिस क्या जांच कर रही है?
- मृतका और दीपक के बीच कैसे रिश्ते थे?
- क्या तीनों आरोपियों ने हत्या से पहले महिला के साथ यौन उत्पीड़न किया?
- कोई पुरानी कहासुनी या विवाद तो नहीं था?
- फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनाक्रम का रिकंस्ट्रक्शन
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संयुक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिमी रेंज) जतिन नरवाल ने कहा कि पूछताछ जारी है और हर पहलू की गहराई से जांच हो रही है।
क्यों गूंज रहा है श्रद्धा वॉकर वाला एंगल?
श्रद्धा वॉकर मामले की तरह यह भी प्रेम संबंध से जुड़ा हत्याकांड है। दोनों ही मामलों में दिल्ली का माहौल, प्रेमी द्वारा हत्या और शव को घरेलू जगह पर छिपाने की कोशिश दिखती है। लेकिन इस बार शव को टुकड़ों में नहीं काटा गया, बल्कि सीधे बिस्तर के अंदर ठूंस दिया गया। फिर भी, दोनों केस महिलाओं की सुरक्षा और रिश्तों में विश्वासघात की कहानी दोहराते हैं।
पुलिस अब आगे की जांच में जुट गई है। तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ चल रही है। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि दिल्ली के कोने-कोने में ऐसे अपराध कितने आसानी से हो जाते हैं और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी अहम है। मामले की जांच अभी जारी है।












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