Delhi Liquor Scam: कहां चूक गए केजरीवाल? CAG रिपोर्ट की पूरी डिटेल यहां पढ़ें
Delhi Liquor Scam: मंगलवार 25 फरवरी को दिल्ली विधानसभा सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के हंगामों के बीच नई सीएम रेखा गुप्ता ने सीएजी रिपोर्ट पेश की थी जिसमें दिल्ली सरकार को 2002 करोड़ के राजस्व नुकसान की बात कही गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गलत फैसलों के कारण राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी का हवाला देकर लाइसेंस माफ करने से 144 करोड़ रुपए का घाटा और लाइसेंस धारकों से सिक्योरटी डिपॉजीट की वसूली सही से ना होने के कारण 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

शराब नीति के क्रियान्वयन की वजह से कुल 2,002 करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हुआ है। शराब नीति घोटाले में वित्तिय अनियमितताओं के कारण राजस्व को भारी नुकसान उठाना पडा है। सरकारी विभाग के कामकाज की इस रिपोर्ट में 208 पेजों में पूरी कहानी बताई गई है। इस पूरे नुकसान को आसान भाषा में और विस्तार से पढ़िए..
Delhi Liquor Scam: कितना घाटा हुआ ?
- प्रतिबंधित क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलने का समय का चुनाव गलत - 941 करोड़ 53 लाख का नुकसान।
- ठेकदारों के लाइसेंस सरेंडर करने पर दोबारा लाइसेंस देने में सरकार फेल रही - 890 करोड़ 15 लाख का नुकसान।
- कोविड महामारी (28 दिसंबर 2021-27 जनवरी 2022) के दौरान नियम के खिलाफ जा कर छूट- 144 करोड़ का नुकसान
- लोकल लाइसेंस धारकों की सिक्योरिटी डिपोजिट नहीं ली गई- 27 करोड़ का घाटा
Delhi Liquor Scam: इतनी बड़ी रकम का घाटा हुआ कैसे ?
- शराब बनाने वालों और दुकानदारों को थोक में शराब बेचने के लिए भी लाइसेंस दिए गए जब की ये 'दिल्ली एक्साइज रुल 2010' के रुल के खिलाफ है।
- शराब विक्रेताओं के प्रॉफिट मॉर्जीन को 7% बढ़ा दिया और इसके पीछे क्वालिटी चेकिंग खर्चे का हवाला दिया गया।
- सीएजी रिपोर्ट कहती है कि शराब की क्ववालिटी की चेकिंग के लिए किसी भी लैब का इस्तेमाल नहीं किया गया हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी शराब की 51% जांच रिपोर्ट या तो एक साल से अधिक पुरानी हैं या उनमें तारीख का उल्लेख नहीं।
- आईएमएफएल के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता नहीं रखी गई और कुछ ही ब्रांड को बेचा गया।
- नई शराब नीति में एक व्यक्ति के शराब की दुकान खोलने की लिमिटी बढ़ा दी गई पहले जहां एक आदमी 2 दुकानें खोल सकता था इसे बढ़ा कर 54 कर दिया गया।
- लाइसेंस धारकों के लिए लाइसेंस सरेंडर करने से पहले कोई सूचना नहीं दी गई जिसके कारण शराब की आपूर्ति बाधित हुई।
- सरकार ने प्रतिबंधित आबादी वालो एरिया में भी दुकानें खोलने की इज्जत दे दी।
- इतना ही नहीं मानक के अनुरूप लाइसेंस का वितरण भी नहीं किया गया।
- वहीं शराब की तस्करी पर कोई रोक टोक ना होने के कारण अंधधुन शराब की कालाबाजारी हुई
Delhi Liquor Scam: इससे बीजेपी को क्या फायदा ?
27 साल बाद दिल्ली की सत्ता पर राज करने वाली बीजेपी दिल्ली से आप का सुपड़ा साफा करने का मानों संकल्प ले लिया हो।इसी साल अप्रैल में दिल्ली मेयर का चुनाव होना है और भाजपा यहां से भी आप को हटाना चाहती है। इस चुनाव में BJP सीएजी के रिपोर्ट से AAP पर हमला करेगी। बता दें कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की 42% वोट शेयर है।
इस रिपोर्ट के बाद दिल्ली में आप का शीर्ष नेतृत्व खतरे में है कई नेताओं पर शिकंजे कसे जा सकते हैं। पहले से ही शराब घोटाले के मामले में आप के शीर्ष नेताओं जिसमें पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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